प्रदेश में एजुकेशन हब से मशहूर कोटा अब सुसाइड सिटी बनता जा रहा है। एक और कोचिंग छात्र ने बुधवार को यहां फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। छात्र यहां किराए का कमरा लेकर मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी कर रहा था।
जानकारी के अनुसार मृतक राजेन्द्र भरतपुर के बयाना थाना क्षेत्र के तरबीजपुर का निवासी था। वह कोटा के दादाबाड़ी सेक्टर 2 में स्थित सूरजमल जैन में मकान में डेढ़ साल से किराए पर कमरा लेकर रह रहा था। सुबह जब उसके साथियों ने कमरे का दरवाजा खटखटाया तो कोई जवाब नहीं आया। इस पर उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दरवाजा तोड़ा तो राजेन्द्र फंदे पर लटका हुआ था।
पुलिस ने शव को एमबीएस अस्पलाल में पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया है। पुलिस को मौके से सुसाइड नोट मिला है। इसमें उसने लिखा है कि उसे जिंदगी को जीना नहीं आया। वह स्वयं की मर्जी से आत्महत्या कर रहा है। इसमें किसी का कोई दोष नहीं है।
गौरतलब है कि पिछले साल यहां 18 कोचिंग छात्रों की आत्महत्या करने की घटनाएं सामने आई थी। उससे पहले वर्ष 2014 में 45 कोचिंग छात्रों ने आत्महत्या की थीं। बढ़ती आत्महत्याओं के बाद सरकार चेती थी और कोचिंग सेंटरों के लिए दिशा निर्देश जारी किए थे। इसके तहत कोचिंग सेंटरों ने भी आत्महत्याएं रोकने के प्रयास शुरू किए थे।
यहां हर साल करीब दो लाख बच्चे दूरदराज के इलाकों से कोचिंग लेने के लिए आते हैं। इसके चलते ही यहां करीब 750 हॉस्टल और 300 से अधिक पीजी हैं। साथ ही, 17000 एेसे मकान हैं, जो अपने यहां छात्रों को किराए पर ठहराते हैं।