बेटे की चाह में क्या कोई इस कदर भी जुनुनी हो सकता है कि मासूम बेटियों की जिंदगी बर्बाद कर दे और खुद भी तबाह हो जाए? ये सवाल एक घटना ने खड़ा कर दिया है।
एेसा ही चौंकाने वाला मामला जोधपुर में सामने आया है, जहां एक मां ने अपनी तीन बेटियों के साथ पानी के टांके में छलांग लगाकर आत्महत्या कर ली। बताया जा रहा है कि उसकी शादी को करीब दस-बारह साल हो गए थे और वह एक बेटा चाहती थी। पुलिस ने बताया कि मोगड़ाखुर्द में रहने वाला मदनलाल पटेल ने अपने परिवार के साथ बीती रात साढ़े नौ बजे खाना खाया।
मदनलाल इसके बाद वह अपने मकान की छत पर सोने चले गया। जबकि उसकी पत्नी शोभा, छह साल की बेटी रविना, चार साल की दिव्या और दो साल की संजना नीचे ही कमरे में सोने चले गए। आज सुबह मदनलाल जब नींद से उठकर नीचे आया तो पत्नी और उसकी तीनों बेटियां वहां कमरे में नहीं मिली। इस पर उसने आस-पास के इलाके में उनकी तलाश की।
पुलिस बता रही ये कारण
मृतक बच्ची
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ढूंढने के दौरान ही मदनलाल को किसी ने बताया कि ढाणी में ही एक साढ़े आठ फीट का पानी का टांका बना हुआ है, उसके पास उसे चप्पल मिले हैं। जैसे ही मदनलाल ने टांके में झांका तो सभी के शव उसे वहां तैरते मिले। ये देख तो उसके पैरों तले जमीन ही खिसक गई।
जोधपुर शहर के निकटवर्ती मोगड़ाखुर्द गांव की सरहद पर मदनलाल ढाणी में एक महिला ने अपनी तीन बच्चियों के साथ घर में ही बने टांके में कूदकर जान दे दी। घटना का पता सुबह चलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शवों को अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया है।
सूचना पर एसीपी सिमरथाराम, थानाधिकारी आनंद सिंह राजपुरोहित मौके पर पहुंचे। इसके बाद पुलिस आयुक्त अशोक कुमार राठौड़ व डीसीपी वेस्ट समीर कुमार सिंह भी वहां पहुंच गए। पुलिस ने दोपहर में शवों को अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया है।
पुलिस ने बताया कि शादी को दस से बारह साल हुए हैं। मृतका का पीहर भी मोगड़ा में ही है। पुलिस को आशंका है कि तीन पुत्रियों के होने से महिला व्यथित थी।