इंटरकास्ट मैरिज को प्रोत्साहन देने वाली सरकार की योजना से जुड़े नए निर्देश जारी किए गए हैं। अब इन निर्देशों को शत प्रतिशत पालना करने वाले को ही योजना का लाभ मिल सकेगा। ये निर्देश एक अगस्त से लागू होंगे।
राजस्थान सरकार ने सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा संचालित डॉ. सविता बेन अम्बेडकर अंतरजातीय विवाह प्रोत्साहन योजना संचालन के लिए नवीन दिशा निर्देश जारी किए गए हैं। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. अरुण चतुर्वेदी ने बताया कि नियमों में योजना के तहत जारी की जाने वाली प्रोत्साहन सहायता राशि का शत-प्रतिशत सदुपयोग को लेकर कड़े नियम बनाए गए हैं।
उन्होंने बताया कि योजनान्तर्गत लाभ प्राप्त करने वाले युवक अथवा युवती पर गलत दस्तावेज प्रस्तुत किए जाने पर विधिक कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।
इस योजना में पात्रता के लिए नियम बनाए गए हैं। इनमें अनुसूचित जाति वर्ग के युवक अथवा युवती, जिसने किसी सवर्ण हिन्दू युवक अथवा युवती से, जो दोनों ही राजस्थान के मूल निवासी हों एवं युगल में से किसी की भी आयु 35 वर्ष से अधिक नहीं हो, और किसी आपराधिक मामले में दोषसिद्ध न हो, से विवाह किया हो। अंतर्जातीय विवाह करने वाले युगल के विवाह के प्रमाण स्वरूप सक्षम प्राधिकरण या अधिकारी कार्यालय से जारी विवाह पंजीयन प्रमाण पत्र हो व युगल की संयुक्त आय 2.50 लाख रुपये से अधिक न हो।