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प्लेसमेंट एजेंसी से संविदाकर्मी नहीं लेने के आदेश पर लगाई रोक

Sat, 02 Sep 2017 06:06 PM IST
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
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राजस्थान हाईकोर्ट की खंडपीठ ने एकलपीठ के गत 3 अप्रैल के उस आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी है, जिसमें एकलपीठ ने राज्य सरकार को आदेश दिए थे कि प्लेसमेंट एजेन्सी के जरिए संविदाकर्मी नियुक्त करने के स्थान पर लिखित परीक्षा के जरिए संविदाकर्मियों को भर्ती किया जाए। इसके साथ ही अदालत ने एकलपीठ में याचिका दायर करने वाले सुरेन्द्र कुमार गुर्जर व अन्य को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
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न्यायाधीश अजय रस्तोगी और न्यायाधीश अशोक गौड़ की खंडपीठ ने यह आदेश राज्य सरकार की ओर से दायर अपील पर प्रारंभिक सुनवाई करते हुए दिए। राज्य सरकार की ओर से कहा गया कि एकलपीठ ने सुनवाई का उचित मौका दिए बगैर यह आदेश जारी किया है। ऐसे में एकलपीठ के आदेश पर रोक लगाई जाए। अपील पर अंतरिम सुनवाई करते हुए खंडपीठ ने एकलपीठ के गत 3 अप्रैल के आदेश की क्रियान्विती पर रोक लगा दी है।

 
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ये दिए थे आदेश

मामले के अनुसार न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा की एकलपीठ ने गत 3 अप्रैल को सुरेन्द्र कुमार गुर्जर व अन्य की याचिका पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार को आदेश दिए थे कि वह किसी भी पद पर प्लेसमेंट एजेन्सी के जरिए संविदाकर्मी नियुक्त नहीं करे। एकलपीठ ने केन्द्र या राज्य की विभिन्न योजनाओं में संविदाकर्मी लेने के लिए लिखित परीक्षा आयोजित करने के आदेश दिए थे।

एकलपीठ ने प्रक्रिया पूरी करने के लिए सरकार को तीन माह का समय देते हुए प्लेसमेंट एजेन्सी से संविदा पर लगे कर्मचारियों को सरकार के सीधे संविदा पर ही मानने को कहा था।

गौरतलब है कि गत 21 अगस्त को अदालत ने सेवानिवृत्त सरकारी कर्मचारियों को संविदा से हटाने के आदेश देते हुए पदों को सुरेन्द्र कुमार गुर्जर के मामले में दिए दिशा-निर्देशों के तहत भरने को कहा था।
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