राजस्थान के जयपुर में सेना की खुफिया इकाई और स्थानीय पुलिस ने सेना के पत्रों के फोटो खींचकर उन्हें पाक खुफिया एजेंसी आईएसआई की महिला एजेंट को भेजने वाले एक डाक कर्मी को गिरफ्तार किया है।
पुलिस अधिकारियों ने शुक्रवार को इस गिरोह का भंडाफोड़ होने की जानकारी मीडिया को दी। गिरफ्तार डाक कर्मी की पहचान भरत गोदडा के रूप में हुई है। वह मल्टी टास्किंग कर्मचारी है। उस पर सेना की खुफिया इकाई लंबे समय से नजर रखे हुए थी। हाल ही में इनपुट मिला था कि सेना के पत्रों व प्रतिष्ठानों की कुछ तस्वीरें हाल में सीमापार बैठे आईएसआई की एजेंट को दी गई हैं।
आरोपी गोदडा रेलवे पोस्टल सर्विस की पत्रों की छंटाई करने वाले विभाग में काम करता था। इसी दौरान वह उन पत्रों को खोल लेता था, जिन पर आर्मी पोस्टल आफिस (APO) का पता लिखा होता था। पहली बार इस तरह का जासूसी गिरोह पकड़ में आया है, जिसमें सैन्य कर्मियों के निजी व सरकारी पत्रों को खोलकर देश के दुश्मनों तक भेजा गया।
ऐसे हुई महिला एजेंट से दोस्ती
फेसबुक मैसेंजर के जरिए डाककर्मी गोदडा एक महिला के संपर्क में आया। महिला ने खुद को अंडमान निकोबार के पोर्ट ब्लेयर में नर्सिंग असिस्टेंट बताया। बीते सात माहों से गोदडा रात की पाली में काम करता था। इस दौरान वह एपीओ के पते पर आने वाले पत्रों को खोल लेता था। फिर उनकी फोटो खींच लेता था और उस महिला मित्र को भेज देता था।
महिला एजेंट व आरोपी के बीच दोस्ती इतनी गहरी हो गई थी कि दोनों वॉट्सएप के जरिए वीडियो कॉल पर बात करते थे। अधिकारियों ने बताया कि आरोपी ने उस महिला एजेंट को भारतीय नंबर से वॉट्सएप अकाउंट चालू करने में भी मदद की। इसी के जरिए वह जासूसी किया करती थी।
ये जानकारियां भेजीं
आरोपी ने महिला एजेंट के झांसे में आकर सैन्य अधिकारियों के नंबर, सैन्य इकाइयों के पिनकोड व अन्य जानकारियां भी उसे दे दी। यह महिला पोर्ट ब्लेयर में नहीं बल्कि सीमापार बैठ कर पाकिस्तान की आईएसआई के लिए जासूसी करती थी। गोदडा को गुरुवार रात गिरफ्तार किया गया। उसे दक्षिणी कमान की सैन्य खुफिया एजेंसी व पुलिस के साझा अभियान के तहत पकड़ा गया। उसके मोबाइल से रक्षा संबंधी पत्र व फोटो बरामद किए गए हैं।