हरित क्रांति का संदेश लाने वाली इंदिरा गांधी नहर परियोजना के जीरो हेड पर आज अनोखा नजारा देखने को मिला। यहां बहनों ने धरना दे रहे अपने किसान भाइयों को धरना स्थल पर ही तिलक लगाया। दरअसल, ये किसान पानी की मांग को लेकर पिछले एक सप्ताह से महापड़ाव डाले बैठे हैं।
यहां नहर के जीरो हेड पर किसानों ने 22 अक्टूबर को उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है। जानकारी के अनुसार, लम्बे समय से नहरी पानी को तरस रहे जैसलमेर जिले के किसानों ने मोहनगढ़ क्षेत्र की मुख्य नहर के जीरो हेड पर महापड़ाव डालकर आर-पार की लड़ाई की चेतावनी दी है। किसानों का कहना है कि पानी मुहैया नहीं होने से उनकी फसलें बर्बाद हो रही हैं और वे कर्जदार होते जा रहे हैं। किसानों ने आरोप लगाया कि जैसलमेर क्षेत्र के किसानों को अपने हक का नहरी पानी सुलभ नहीं हो रहा है।
ऐसे में उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि उनके पानी की समस्या का समाधान नहीं किया जाता है तो 22 अक्टूबर से मुख्य नहर से बाड़मेर जिले के लिए जाने वाली पेयजल सप्लाई को ठप कर दिया जाएगा। उधर, किसानों ने महापड़ाव स्थल पर ही दिवाली का त्यौंहार मनाया और आज भाई दूज के मौके पर भी किसान वहीं बैठे रहे। ऐसे में किसानों की बहनों ने उन्हें महापड़ाव स्थल पर ही तिलक लगाकर लम्बी उम्र की कामना की।