किंग खान यानी शाहरुख खान अपनी फिल्म 'जब हैरी मेट सेजल' में गाइड का किरदार निभा रहे हैं और वे इस फिल्म के प्रमोशन के लिए राजस्थान आए हैं। किंग खान के मन में अपने पिता को लेकर जो बात है, उन्होंने सभी के सामने कही।
जोधपुर में शाहरुख ने मीडिया से बातचीत में अपने मन की बात कह डाली। शाहरुख से जब पूछा गया कि 'फिल्म में गाइड का किरदार निभाने जा रहे हैं, रियल लाइफ में किसके लिए गाइड बनना चाहेंगे?'
इसका शाहरुख ने जो जवाब दिया वो उनके मन की बात थी। किंग खान ने कहा कि 'मैं रियल लाइफ में गाइड बनना चाहता हूं अपने बच्चों का। जिस तरह मेरे पिता ने मुझे पूरे देश में घुमाया, अलग-अलग जगहों की जानकारी और मैंने उन मौकों को एन्जॉय किया, उसी तरह मैं भी अपने बच्चों का गाइड बनकर अलग-अलग जगह घुमाना चाहता हूं, उनका गाइड बनना चाहता हूं।'
जोधपुर में शाहरुख खान का जोधपुर स्टाइल में साफा पहनाकर स्वागत किया गया। उन्होंने साफा पहने हुए ही रोचक अंदाज में पूरे इतमिनान के साथ मीडिया के सभी सवालों के जवाब दिए।
रीजनल सिनेमा में काम करना चाहता हूं, लेकिन नहीं मिलता मौका - शाहरुख
शाहरुख खान
- फोटो : SELF
शाहरुख ने कहा कि पहले मेरे माता-पिता मेरे गाइड थे। न सिर्फ घुमाने के लिए, बल्कि जिंदगी में मां-बाप हमको कई बार गाइड करते हैं। सही-गलत बताते हैं।' उन्होंने कहा कि बिलकुल अपने माता-पिता की तरह ही मैं भी अपने बच्चों का गाइड बनने के पूरे प्रयास करता हूं। जितना भी समय मिलता है, उसे परिवार हो देने की कोशिश करता हूं।
एक सवाल पर उन्होंने कहा कि रीजनल सिनेमा में वे काम करना चाहते हैं, लेकिन उन्हें मौका ही नहीं मिलता। उन्होंने कहा कि हालांकि मेरे पास रीजनल सिनेमा के लिए वक्त नहीं हैं, क्योंकि हिन्दी फिल्में लगातार कर रहा हूं। लेकिन यदि कोई मेरे पास अच्छा काम लेकर आए और मेरे पास समय हो, तो मैं जरूर रीजनल सिनेमा करना चाहूंगा।
उन्होंने कहा कि वे जहां भी होते हैं, ये सवाल जरूर पूछा जाता है कि मौका मिलेगा, तो रीजनल सिनेमा में आप काम करेंगे या नहीं? उन्होंने कहा कि ये सवाल उन्हें काफी अच्छा लगता है। उन्होंने राजस्थान के लिए कहा कि मुझे भाषा नहीं आती, रीजनल सिनेमा के लिए यहां की भाषा सीखनी होगी।