इस स्कूल में आने वाली छात्राओं के सिर पर मौत का खतरा मंडराता रहता है। भवन जर्जर है, छतों से पानी रिसता रहता है, जिससे छत गिरने का खतरा बना रहता है। बारिश में स्कूल का रास्ता तक नहीं मिल पाता।
यह हकीकत जुड़ी हुई है जैसलमेर जिले के किशनी देवी मगनीराम मोहता राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय से। यहां बारिश के दौरान छात्राएं अनजाने डर के साए में पढ़ने को मजबूर हैं। छतें टपकती रहने से छात्राओं को ये डर सताता रहता है कि कहीं कोई हादसा ना हो जाए।
हालात ये हैं कि पूरा स्कूल तालाब बन जाता है। हर जगह पानी भर जाता है। ऐसे में यहां कमरों तक जाने के लिए भी छात्राओं को मिट्टी के कट्टों पर से होकर गुजरना पड़ता है।
इस बालिका विद्यालय में कुल 614 के करीब नामांकन है। इसके बावजूद शिक्षा विभाग विद्यालय के जर्जर भवन में पढ़ाने का जोखिम उठा रहा है। यहां सबसे ज्यादा खतरा प्रारंभिक स्तर के कक्षा कक्षों को है।