राजस्थान में सातवें केंद्रीय वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू किए जाने के बाद उपजे विवादों के लिए राज्य सरकार ने पूर्व आईएएस डी.सी. सामंत की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय कमेटी बनाई है।
गौरतलब है कि सामंत की अध्यक्षता में ही पूर्व मे कमेटी बनाई थी, जिसकी सिफारिश पर सरकार ने राजस्थान में सातवां वेतन आयोग लागू किया था। इस कमेटी में राजस्थान सेवा के सेवानिवृत्त अधिकारी डी.के.मित्तल और एम.पी.दीक्षित को शामिल किया गया है। ये समिति राजस्थान में लागू की गई सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के संबंध प्राप्त आपत्तियों और प्रतिवेदनों पर विचार कर अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी।
दरअसल, राजस्थान में सातवां वेतन आयोग एक अक्टूबर से लागू कर दिया है, लेकिन इसको लेकर कई विसंगतियां सामने आ रही हैं। इनको दूर करने के संबंध में ये कमेटी अपनी रिपोर्ट देगी। सातवें वेतन आयोग का लाभ कब से लागू किया जाना और उसका एरियर कर्मचारियों एवं अधिकारियों को किस प्रकार दिया जाए तथा उससे सरकार पर कितना भार आएगा, के बारे में भी अपनी रिपोर्ट देगी। साथ ये एरियर किस मद में दिया जा सकता है, इसको लेकर भी सुझाव देगी।
राजस्थान में कर्मचारी केंद्र के समान ये वेतनमान जनवरी 2016 से लागू करने की मांग कर रहे हैं। जबकि सरकार ने ये अक्टूबर 2017 से लागू किया है। इससे कर्मचारियों में खासा आक्रोश हैं। आज सचिवालय में कर्मचारियों ने प्रदर्शन भी किया।