सीमावर्ती जिले जैसलमेर से पिछले दिनों पकड़े गए संदिग्ध पाकिस्तानी से पूछताछ में नया खुलासा हुआ है। आरोपी 27 साल पहले पाकिस्तान चला गया था।
जानकारी के अनुसार, संदिग्ध आरोपी हासम खां के मामले में बीएसफ ने नया खुलासा किया है। आरोपी ने पाकिस्तान से दलाल के मार्फत 5 हजार रुपए देकर जैसलमेर सीमा के झालरिया पोस्ट से घुसपैठ करने की बात कही थी, वह झूठ निकली। जब इस पूरे मामले में बीएसएफ इंटेलीजेंस ने जांच की तो सच कुछ अलग ही सामने आया।
इस तरह आया था भारत
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जांच में सामने आया कि आरोपी हासम खां पाकिस्तान से फर्जी नाम से पासपोर्ट से 3 अप्रैल को अमृतसर पंजाब के वाघा बॉर्डर से भारत आया था।
इसके बाद आरोपी जैसलमेर के सम पुलिस थाना क्षेत्र में स्थित सियालों की बस्ती में रहने लगा। इस पर पुलिस इंटेलिजेंस ने 9 अक्टूबर को यूनियन चौराहा जैसलमेर से इसे गिरफ्तार किया था। इसके बाद पुलिस ने इस सबंध में 12 अक्टूबर को शाहगढ थाने में मुकदमा दर्ज किया।
पूछताछ में आरोपी ने पाकिस्तान में सक्रिय दलालों के माध्यम से 5 हजार रुपए देकर बॉडर्र पार कर जैसलमेर सीमा के झलारिया पोस्ट से भारत में घुसपैठ करने की बात कही।
यूं हुआ शक...
प्रतीकात्मक फोटो
पैसे देकर सीमा पार करने की बात बीएसएफ के अधिकारियों को गले नहीं उतरी। उन्होंने इस पूरे मामले को गंभीर मानते हुए जांच की।
बीएसएफ आईजी अनिल पालीवाल ने बताया कि इस इलाके में बॉडर्र पर रोशनी, नियमित गश्त और फैंसिंग होने के कारण किसी के इस तरह से बॉर्डर पार करना संभव नहीं हैं। आरोपी हासम खां करीब 27 साल पहले भारत से पाकिस्तान चला गया था। जहां वह पाकिस्तान में कंडारू अमरकोट में अपनी बहन के पास रह रहा था।