राजस्थान हाईकोर्ट ने आरपीएससी की कार्यप्रणाली को संदेहजनक बताते हुए प्रतियोगी परिक्षाओं की उत्तरकुंजी बार-बार जारी करने को गलत बताया है।
अदालत ने आरपीएससी चेयरमैन को कहा कि वे स्कूल व्याख्याता भर्ती-2013 की मॉनिटरिंग स्वयं करे और भर्ती में जारी उत्तर कुंजियों को लेकर 21 मार्च को रिपोर्ट पेश करें। मुख्य न्यायाधीश प्रदीप नान्द्रजोग और न्यायाधीश जीआर मूलचंदानी की खंडपीठ ने यह आदेश आरपीएससी व अन्य की ओर से दायर अपीलों पर सुनवाई करते हुए दिए।
अदालत आदेश की पालना में आरपीएससी चेयरमैन आरएस गर्ग अदालत में पेश हुए। अदालत ने पूछा कि भर्ती में बार-बार उत्तर कुंजी क्यों जारी हो रही है। इस पर जवाब देने के लिए
गर्ग ने समय मांगा। इस पर अदालत ने मामले की सुनवाई 21 मार्च को करते हुए रिपोर्ट पेश करने को कहा है।
गौरतलब है कि गत सुनवाई को आरपीएससी की ओर से अदालती आदेश की पालना में संतुष्टीजनक रिपोर्ट पेश नहीं करने पर अदालत ने आयोग चेयरमैन को उपस्थित होकर अपना स्पष्टीकरण देने को कहा था। प्रकरण में एकलपीठ के 22 सितंबर 2015 के उस आदेश को चुनौती दी गई है, जिसमें एकलपीठ ने तीसरी उत्तरकुंजी को गलत मानते हुए दूसरी उत्तरकुंजी के आधार पर संशोधित मेरिट सूची जारी करने को कहा था।