राजस्थान बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष डॉ. सतीश पूनिया ने राजस्थान में बार-बार पेपर लीक मामले पर जयपुर में अमर उजाला से खास बातचीत में कहा, राजस्थान में पिछले दिनों 70 लाख बच्चों ने भर्ती परीक्षा दी। एक लाख युवाओं को रोजगार का दावा मुख्यमंत्री करते हैं। उन्होंने बेरोजगारी भत्ते का दावा भी किया। लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि जो मां-बाप पेट काटकर अपने बच्चों को कोचिंग के लिए भेजते हैं। जब वो बच्चा परीक्षा केंद्र पर जाता है, तो पता लगता है कि परीक्षा का पेपर लीक हो गया। उसकी प्रतिक्रिया को हम शब्दों में बयान नहीं कर सकते हैं।
उन्होंने कहा, उनके लिए वह सपने टूटने जैसा है। ये केवल अपराध नहीं, पाप है। कांग्रेस सरकार के कोई मंत्री इसे स्वीकार करते हैं, तो उनका दुस्साहस है। लेकिन ये सत्यता है। पूनिया ने कहा, इस अवसाद में जिन लोगों ने आत्महत्या की। उस हत्या के दोषी भी कांग्रेस पार्टी के लोग हैं। राजस्थान के वर्तमान हालातों में इससे गम्भीर मसला कोई नहीं है।
बेरोजगार आरोप लगाते हैं, इसमें कहीं कांग्रेस का षड़यंत्र तो नहीं...
पूनिया बोले, भर्ती परीक्षा रद्द होने से कैंडिडेट्स अवसाद में आ गए। इसकी दोषी कांग्रेस पार्टी है। क्योंकि भर्तियों को लेकर एक्शन प्लान नहीं था। कोई डेडिकेटेड व्यवस्था नहीं थी। इसलिए भर्तियां लिटिगेशन में चली गईं। लोग कोर्ट में क्यों जाते हैं, जब सरकार की खामी होती है, तब जाते हैं। बेरोजगार तो यह भी आरोप लगाते हैं कि इसमें कहीं कांग्रेस का ही तो षड़यंत्र नहीं है। ये भी सही है कि उस विभाग की कमजोरी और लापरवाही के कारण इतना स्पेस मिलता है, अनदेखी भी अपराध और षड़यंत्र ही है।
बीजेपी युवा मोर्चा एग्रेसिवली मुद्दे को उठाएगा...
बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष ने कहा, पेपर लीक प्रकरण के खिलाफ आंदोलन के लिए मैंने बीजेपी युवा मोर्चा को कहा है। क्योंकि यह नौजवानों का मसला है, इसे ठीक ढंग से उठाना चाहिए। युवा मोर्चा ने विरोध प्रदर्शन किया है। लेकिन आने वाले दिनों में मैंने एग्रेसिवली इस मुद्दे को नौजवानों के हक में उठाने के लिए मोर्चा अध्यक्ष को कहा है।
राहुल और कांग्रेस में जवाब देने का नैतिक साहस नहीं...
राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी की ओर से पिछले दिनों राजस्थान में निकाली गई भारत जोड़ो यात्रा के दौरान रोजाना एक प्रश्न सतीश पूनिया ने राहुल गांधी से पूछा था। लेकिन राहुल या कांग्रेस पार्टी ने एक भी सवाल का जवाब क्यों नहीं दिया?
सवाल पर पूनिया ने कहा, यह मुद्दा तो बन गया है। मैंने विधानसभा में जब सवाल पूछा कि किसानों की कितनी जमीनें कुर्क हुईं तो सरकार ने जवाब दिया था 18 हजार। यह स्टैबलिश हो गया कि कर्जामाफी नहीं होने के कारण इतने सारे किसानों की जमीनें नीलाम हो गईं। मुझे लगता है कि उनको जवाब देने का नैतिक साहस नहीं है। अगर वो जबाब देते तो नई बहस छिड़ती। शायद कांग्रेस इस बात से बचना चाहती है।
मंत्री राजेंद्र गुढ़ा ने क्या कहा था?
राजस्थान लोक सेवा आयोग की सेकेंड ग्रेड शिक्षक भर्ती परीक्षा के पेपर लीक मामले में प्रदेश के सैनिक कल्याण विभाग के मंत्री राजेंद्र सिंह गुढ़ा ने कांग्रेस पार्टी की अपनी ही सरकार को फेल बताया है। बुधवार को जयपुर के बिड़ला ऑडिटोरियम में मीडिया से बातचीत में कहा, हम एक परीक्षा तक नहीं करवा पा रहे हैं। पेपर लीक होना सरकार का फेलियोर है। क्योंकि बिना सरकारी मिली भगत के पेपर लीक सम्भव नहीं है। इस पूरे मामले की जांच होनी चाहिए। हमारी सारी स्कीम्स को यह अकेला पेपर आउट प्रकरण खा जाएगा।
गुढ़ा ने कहा था, प्रदेश में बार-बार पेपर लीक होना शर्मनाक है। हमारी सरकार पेपर लीक मामले में फेल रही है। राज्य सरकार की योजनाएं तो बहुत अच्छी हैं, लेकिन पेपर लीक सब पर भारी है। पेपर लीक मामले में यूथ वोटर्स हमारा बैंड बजा देंगे। सीबीआई जांच होगी या नहीं पता नहीं। लेकिन हम फेल हो गए, हम बच्चों के पेपर नहीं करवा सकते हैं, यह शर्मनाक और सोचने वाली बात है। प्रदेश के जो बच्चे कॉम्पिटीशन एक्जाम की तैयारी कर रहे हैं, उनमें निराशा का भाव आ गया। पूरी तरह निराशा आ गई है।