फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

40 साल पुरानी समस्या को दूर करने की शुरु हुई पहल

Sat, 10 Jun 2017 07:27 PM IST
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
विज्ञापन
सेम की समस्या को दूर करने के लिए पंपिंग स्टेशन का शिलान्यास किया - फोटो : Amar Ujala
विज्ञापन
राजस्थान के नहरी इलाकों में करीब 40 साल से नासूर बनी सेम की समस्या को दूर करने की पहल शनिवार से शुरु हो गई है। हनुमानगढ़ के पीलीबंगा तहसील के गांव बड़ोपल से इस समस्या को दूर करने की शुरुआत हुई है। 
विज्ञापन


दरअसल, राजस्थान के नहरी इलाकों हनुमानगढ़, गंगानगर और बीकानेर के कई इलाकों में सेम की समस्या है। यहां नहरों के पानी के रिसाव के कारण आसपास की जमीन दलदली हो गई और इस वजह से वहां खेती नहीं हो सकती। इस समस्या को दूर करने के लिए लंबे से जनप्रतिनिधि मांग रहे है। राजस्थान का हजारों किलोमीटर का एरिया इस समस्या से प्रभावित है। 

जल संसाधन मंत्री डॉ. रामप्रताप और पीलीबंगा विधायक द्रोपती मेघवाल ने शनिवार को  बड़ोपल में पंपिग स्टेशन का शिलान्यास किया। पीलीबंगा तहसील की ग्राम पंचायत बड़ोपल में 22.93 करोड़ की लागत से लगाए जा रहे पंपिग स्टेशन में 200-200 हॉर्सपावर के पांच पंप लगाए जाएंगे। जिनसे सेम का पानी बड़ोपल डाब से लिफ्ट करके डिप्रेशन नंबर 6 में छोड़ा जाएगा। जल संसाधन मंत्री डॉ. रामप्रताप ने कहा कि सेम समस्या को चरणबद्ध तरीके से जड़ से समाप्त कर दिया जाएगा।
विज्ञापन

  
जल संसाधन विभाग के मुख्य अभियंता उत्तर राजकुमार चौधरी ने बताया कि बड़ोपल डाब से 500 मीटर की लंबी एप्रोच पाइप लाइन पंपिग स्टेशन तक आएगी । पंपिग स्टेशन से दो पाइप लाइन ( 1 हजार एमएम डायामीटर) के जरिए सेम का पानी करीब 3 किलोमीटर दूर डिप्रेशन नंबर 6 में छोड़ा जाएगा।  इस प्रोसेस से पिछले 40 सालों से खराब पड़ी हुई करीब 7 हजार हैक्टेयर सेमग्रस्त भूमि को फिर से खेती योग्य बनाया जा सकेगा। करीब एक साल बाद पंपिग स्टेशन को शुरू कर दिया जाएगा। सेम समस्या के निस्तारण के लिए जल संसाधन विभाग के पास 368 करोड़ के प्रोजेक्ट के जरिए करीब 33 हजार हैक्टेयर भूमि को सेम समस्या से मुक्त किया जाना प्रस्तावित है।
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें