सचिन पायलट का कोटा संभाग के दौरे में पायलट ने यादव समाज के कार्यक्रम की अपने पुराने दिनों को याद करते हुए शुरूवात की। इसके साथ ही सचिन पायलट ने मौजूद लोगों को याद करवाया कि कैसे वसुंधरा राजे की सरकार के समय पायलट और उनके समर्थकों ने किसानों के लिए पैदल यात्रा निकाली थी। जिसमें लोगों के पैरों में छाले भी पड़ गए थे लेकिन कोई भी रुका नहीं था।
पूर्व उपमुख्यमंत्री ने जिन भी मुद्दों पर बात की, उसमें राजस्थान का नहीं सिर्फ केंद्र का जिक्र था। पायलट ने चिरंजीवी योजना की बात नहीं की। शहरी नरेगा की बात नहीं की। सचिन पायलट ने अंग्रेजी मीडियम सरकारी स्कूल की भी बात नहीं और न ही पायलट ने बिजली के बिल और किसानों के कर्ज माफी कि बात कही। हाल ही में संपन्न हुए इनवेस्ट राजस्थान सबमिट की भी कोई जिक्र नहीं किया। पायलट ने केंद्र और राज्य सरकार की कोई तुलना नहीं की। यानी कि उन्होंने राजस्थान सरकार की किसी भी नीति का कोई समर्थन नहीं किया और कुछ कहा भी नहीं।
यह हो सकता है सचिन पायलट की कोई नीति हो लेकिन इससे एक बात तय है कि कांग्रेस को राजस्थान में नुकसान होना निश्चित है। कारण यही है कि जब पार्टी के बड़े नेता ही सरकार की उपलब्धियों पर चुप साध लेंगे तो पार्टी वोट किस पर मांगेगी।