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Sachin Pilot Birthday: एक तीर कई निशाने, गहलोत और बीजेपी नेताओं का पायलट को बधाई देने के ये हैं सियासी मायने

Wed, 07 Sep 2022 06:26 PM IST
अरविंद कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

सार

राजस्थान के पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट का आज जन्मदिन है। सीएम अशोक गहलोत ने सचिन पायलट को जन्मदिन की बधाई दी है। सीएम गहलोत ने ट्वीट कर लिखा, बधाई हो। जन्मदिन की शुभकमनाएं। आप दीर्घायु हों। वहीं, राजस्थान बीजेपी नेताओं ने भी पायलट को उनके जन्मदिन पर बधाई दी।
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अशोक गहलोत और सचिन पायलट (फाइल फोटो) - फोटो : पीटीआई
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राजस्थान के पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट का आज जन्मदिन है। ऐसे में सीएम अशोक गहलोत ने सचिन पायलट को जन्मदिन की बधाई दी है। गहलोत ने ट्वीट कर लिखा, बधाई हो, जन्मदिन की शुभकमनाएं, आप दीर्घायु हों और स्वस्थ रहें।

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बताते चलें कि पायलट आज 45 साल के हो गए हैं। आज सचिन पायलट भारत जोड़ो यात्रा में शामिल होने कन्याकुमारी पहुंचे हैं। यही वजह रही कि उन्होंने अपने राजधानी जयपुर स्थित अपने आवास पर 6 सितंबर को यानी एक दिन पहले ही जन्मदिन पर स्नेह मिलन कार्यक्रम का आयोजन कराया। इस कार्यक्रम में बड़ी तादाद में पायलट समर्थक जुटे। पायलट के कार्यक्रम को शक्ति प्रदर्शन के तौर पर देखा गया गया।

आचार्य प्रमोद ने बताया भावी सीएम
सचिन पायलट समर्थक आचार्य प्रमोद ने पायलट को जन्मदिन की बधाई देते हुए भावी सीएम बताया है। इससे पहले भी आचार्य प्रमोद पायलट को सीएम बनाने की मांग का खुलकर समर्थन कर चुके हैं। सीएम गहलोत से अदावत रखने वाले और सचिन पायलट के आत्मीय आचार्य प्रमोद ने एक बार फिर बधाई देते हुए सीएम खेमे को संदेश देने की कोशिश की है। उन्होंने भी ट्वीट कर आशीर्वाद दिया है। आचार्य प्रमोद ने एक बार फिर सचिन पायलट को जन्मदिन की बधाई देते हुए भावी मुख्यमंत्री बताया है।
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बीजेपी नेताओं की पायलट को बधाई देने के पीछे की मंशा
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और राजस्थान के पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट के 45वें जन्मदिवस के अवसर पर पायलट समर्थकों का बधाई का सिलसिला चला, जो कि पायलट के प्रति प्रेम को दर्शाता है। लेकिन बीजेपी के नेताओं का पायलट को बधाई देने और उनको कांग्रेस के राजस्थान में उदय का कारण और पायलट के संघर्ष की चर्चा करना प्रदेश की राजनीति में पायलट एक बार फिर से अस्थिर करने का प्रयास प्रतीत होता है। वहीं, राजस्थान में बीजेपी अध्यक्ष सतीश पूनिया ने भी सचिन पायलट को ट्वीट कर बधाई दी है।



राजस्थान में साल 2023 में विधानसभा के चुनाव होने हैं। बीजेपी निरंतर मुख्यमंत्री गहलोत को नाकारा साबित करने में लगी हुई है। बीजेपी की माने तो गहलोत साल 2023 में सरकार नहीं बचा सकते हैं तो फिर पायलट की तारीफों के पूल बांधकर बीजेपी क्यों पायलट को मजबूत करेगी। जबकि बीजेपी के नेताओं की माने तो पायलट ही हैं जो कांग्रेस को जीवंत रख सकते हैं। अगर पायलट मजबूत होते हैं और बीजेपी के नेताओं के दावे सही साबित होते हैं तो एक बार फिर राजस्थान में बीजेपी को सरकार से बाहर रहना पड़ सकता है। लेकिन कोई भी बीजेपी नेता ये नहीं चाहता है कि ऐसा हो तो पायलट के गुण गान का मतलब क्या है?

राजस्थान में गहलोत को लेकर किसी भी प्रकार की कोई एंटी इनकंबेंसी नहीं दिखाई देती है। गहलोत से पार पाने के लिए के लिए बीजेपी के पास कोई मजबूत रणनीति नहीं है। चेहरों की भी बात करें तो गहलोत के मुकाबले का सिर्फ बीजेपी में एक ही चेहरा है, वो वसुंधरा राजे का है। इतिहास गवाह है कि गहलोत को राजे ने ही मात दी है, एक बार 41 और दूसरी बार 21 पर सिमटा दिया था। कांग्रेस को अब बीजेपी के नेताओं में होड़ है खुद को मुख्यमंत्री साबित करने की, जिसके चलते केवल पायलट ही हैं जो गहलोत और कांग्रेस को कमजोर कर सकते हैं। इसलिए बीजेपी के नेता अब पायलट का सहारा लेकर कांग्रेस में अंदरुनी कलह का फायदा उठाने का अवसर तलाश कर रहे हैं।

दूसरा कारण है गुर्जर समाज, जिसके वोट को भी बीजेपी नकार नहीं सकती। अगर आज पायलट का समर्थन नहीं किया तो भविष्य में गुर्जर समाज से वोट किस मुंह से मांगेंगे, जिसके चलते बीजेपी के नेता पायलट को एक बार फिर से राजस्थान की राजनीति में कांग्रेस के ही खिलाफ इस्तेमाल करने का प्रयास जन्मदिवस की बधाई देकर कर रहे हैं।

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