कैशलेस अर्थव्यवस्था में भागीदार बनने के लिए नोटबंदी के दौरान कई सरकारी विभागों ने पेटीएम जैसी कंपनियों से हाथ मिलाया था। इन विभागों में राजस्थान स्टेट रोड ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन भी सम्मलित है। लेकिन अब रोडवेज पेटीएम से नाता तोड़ने पर विचार कर रहा हैं। रोडवेज अधिकारियों के अनुसार पेटीएम से अनुबंध के दौरान जो शर्ते रखी गई थी वह उनकी अनदेखी कर रहा है। इसके अतिरिक्त पेटीएम को सात दिन का नोटिस भी दिया गया था लेकिन कंपनी की ओर से इस पर कोई जवाब नहीं दिया गया है।
यह है मामला
दरसल नोटबंदी के दौरान यात्रियों को सुविधा देने के लिए राजस्थान रोडवेज ने ई—ट्रांजेक्शन कंपनी पेटीएम से करार किया था। लेकिन कुछ समय बाद पैसे रिफंड व अन्य तकनीकि समस्याओं के चलते रोडवेज को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। इसी के चलते कंपनी से सबंध में बात भी की गई थी व अन्य कई विकल्पों पर विचार भी किया गया था। साथ ही कंपनी को रोडवेज की ओर से सात दिन का नोटिस भी दिया गया था। लेकिन अब समस्या का हल नहीं निकलता देख रोडवेज पेटीएम से करार खत्म करने के विकल्प पर विचार कर रहा है।