राजस्थान हाईकोर्ट ने गुरमीत रामरहीम के डेरे से गायब होने वाली विवाहिता के मामले की जांच 6 मार्च तक पूरी कर अदालत में रिपोर्ट पेश करने को कहा है।
न्यायाधीश वीके व्यास की एकलपीठ ने यह आदेश कमलेश कुमार की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए। सुनवाई के दौरान अदालत के सामने आया कि समान प्रकृति के मामलों की जांच हरियाणा में एसआईटी कर रही है। एसआईटी ने चार गुमशुदा महिलाओं को बरामद भी किया है। इस पर अदालत ने पुलिस पर टिप्पणी करते हुए कहा कि उन्हें एसआईटी के सामने जाकर हथियार डाल देने चाहिए। वहीं याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता बाबूलाल बैरवा और भीमसेन ने बताया कि गत सुनवाई को राज्य सरकार ने मामले की जांच सीबीआई या एसओजी से कराने की बात कही थी, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
याचिकाकर्ता की पत्नी को तलाशने के लिए पुलिस की ओर से प्रभावी जांच नहीं की जा रही है। इस पर अदालत ने कहा कि किसी भी जांच एजेन्सी से मदद ली जाए, लेकिन 6 मार्च तक जांच पूरी कर अदालत में नतीजा रिपोर्ट पेश की जाए।