उपनेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़
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राजस्थान में एक बार फिर से सियासी संकट है। अशोक गहलोत खेमे के 80 से ज्यादा विधायकों ने स्पीकर को अपने इस्तीफा सौंप दिया है। वहीं जयपुर में चल रहे सियासी खेल पर भाजपा के नेता जमकर जुबानी हमला बोल रहे हैं। अब विधासनसभा के उपनेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने कांग्रेस को निशाने पर लिया है।
उन्होंने कहा कि बहुत हुआ, अब ये नाटक नहीं होना चाहिए। कभी ये कई-कई दिनों तक होटलों में रुकते हैं। कभी सरकार के नेता दूसरी पार्टी में चले जाते हैं। इससे बड़ा दुर्भाग्य कुछ नहीं हो सकता है। राजेंद्र राठौड़ ने कहा कि गहलोत सरकार एक आंतरिक विवाद के साथ बनी, जो अभी भी जारी है। पहली बार विधायकों ने आलाकमान की अवहेलना की है। सीएम गहलोत को विधानसभा भंग करने के लिए कैबिनेट की आपात बैठक बुलानी चाहिए। भाजपा का इससे कोई लेना-देना नहीं।
वहीं प्रतापसिंह खाचरियावास ने मीडिया से बातचीत करते हुए दावा किया कि 90 विधायकों ने इस्तीफा दिया है। उन्होंने कहा कि भाजपा के खिलाफ हमने एकजुट होकर लड़ाई लड़ी है। सोनिया गांधी और राहुल गांधी तक हम अपने मांग रखेंगे। राजस्थान में जब सरकार गिराने की साजिश हुई तो अशोक गहलोत ने सरकार बचाई थी। सतीश पूनिया ने ट्वीट कर कहा कि रूझान आने प्रारंभ… जय भाजपा-तय भाजपा। केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि 'बाड़ेबंदी की सरकार फिर बाड़े में जाने को है तैयार !'