धरना समाप्त करते वाल्मिकी समाज के लोग
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आखिर तीन दिन से चल रहा विवाद निपट गया और मिट्टी में दबने से काल का ग्रास बने चार मासूमों को पोस्टमार्टम हुआ। इसके बाद आज उनका अंतिम संस्कार भी कर दिया गया।
मामला राजस्थान के सीकर का है। यहां तीन दिन पहले एक हादसे में एक ही परिवार के चार बच्चों की मौत मिट्टी में दबने से हो गई थी। इसके बाद मुआवजे की मांग को लेकर वाल्मीकि समाज और परिजन अड़ गए। मामला सुलझाने के लिए वार्ता के कई दौर हुए। इस दौरान सीकर और अस्पतालों में सफाई कार्य का बहिष्कार कर वाल्मीकि समाज के लोग एसके अस्पताल की मोर्चरी के बाहर ही धरना देकर बैठे थें। आज प्रशासनिक अधिकारियों और समाज के लोगों के बीच बातचीत सफल रही। जिसके बाद इन चारों मासूमों को पोस्टमार्टम हुआ।
वाल्मीकि समाज के लोगों की मांग थी कि मृतक के आश्रितों को सरकारी नौकरी और 10 लाख रुपए का मुआवजा दिया जाए। इस मामले को लेकर मंगलवार सुबह एडीएम जयप्रकाश ,नगर परिषद सभापति जीवन खा,पूर्व मंत्री राजेंद्र पारीक , विधायक रतन जलधारी सहित वाल्मीकि समाज के लोग वार्ता में शामिल हुए।