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Rajasthan School Reopen: 10 महीने बाद खुले 9वीं से 12वीं तक के स्कूल, एक-दूसरे को देख बच्चे बोले- तेरी तो शक्ल बदल गई

Mon, 18 Jan 2021 01:38 PM IST
कुमार संभव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
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राजस्थान में स्कूल फिर से खुल गया: प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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कोरोना महामारी के चलते राजस्थान में करीब 10 महीने से बंद पड़े स्कूल-कॉलेजों को खोल दिया गया है। हालांकि, अभी 9वीं से 12वीं तक के स्कूल ही रीओपन किए गए। बच्चों के कदम पड़ते ही वीरान स्कूलों में एक बार फिर रौनक लौट आई। इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग, मास्क और सैनिटाइजर आदि का ध्यान रखा गया। जब बच्चे एक-दूसरे से मिले तो बोले कि तेरी तो शक्ल ही बदल गई। बता दें कि राजस्थान सरकार जल्द ही 8वीं तक के स्कूल खोलने की भी तैयारी कर रही है।

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जल्द खुलेंगे 8वीं तक के स्कूल

बता दें कि अशोक गहलोत सरकार ने अभी 9वीं से 12वीं तक के स्कूलों को खोलने की अनुमति दी है। शिक्षा विभाग का कहना है कि अगर सबकुछ ठीक रहा तो फरवरी 2021 से कक्षा 6 से 8वीं तक के बच्चों को भी स्कूल जाने की अनुमति दे दी जाएगी।

बच्चों ने बरती सावधानी

जानकारी के मुताबिक, राज्य में जब सोमवार को स्कूल खुले तो नजारा काफी बदला हुआ नजर आया। इस दौरान छात्र अपने दोस्तों को दूर से ही हैलो- हाय कहते दिखे। वहीं, शिक्षक भी उन्हें दूर-दूर रहने के लिए लगातार ताकीद करते रहे। 

ऑनलाइन कक्षाएं भी जारी

गौरतलब है कि अभी कुछ ही बच्चों ने स्कूल आना शुरू किया है। ऐसे में जयपुर समेत अन्य जिलों में अब भी ऑनलाइन कक्षाएं लग रही हैं। इन्हें ऑफलाइन कक्षाओं के साथ ही चलाया जा रहा है। दरअसल, प्रशासन का कहना है कि जो अभिभावक अपने-अपने बच्चों को स्कूल नहीं भेजना चाहते हैं, उनके लिए ऑनलाइन कक्षाएं लगातार लगाई जाएं।

बच्चों ने कही दिल की बात

करीब 10 महीने बाद स्कूल पहुंचे बच्चे बेहद खुश नजर आए। उन्होंने कहा कि इतने दिन बाद स्कूल आकर काफी अच्छा लग रहा है। हमारे आसपास मौजूद बाजार आदि पहले ही खुल चुके हैं। ऐसे में स्कूल भी खोलने चाहिए। ऐसा पहली बार हो रहा है कि हमें स्कूल खुलने से खुशी मिल रही है, क्योंकि हम पहले की तरह एक दिन की छुट्टी को मिस कर रहे हैं।
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इन दिशा-निर्देशों का हो रहा पालन

  • कोरोना गाइडलाइन के तहत सबसे पहले प्रोटोकाल नो मास्क, नो एंट्री का पालन किया जा रहा है। 
  • स्कूलों की एंट्री गेट और क्लास में प्रवेश करने से पहले सभी छात्रों की थर्मल स्क्रीनिंग हो रही है। 
  • स्कूल पहुंचने वाले छात्रों को अभिभावकों का लिखित हस्ताक्षर युक्त सहमति पत्र लाना अनिवार्य है।
  • स्कूल परिसर में प्रवेश करने पर 6 फीट की दूरी रखकर ही बच्चों को लाइन में खड़ा किया जा रहा है।
  • स्कूलों में प्रवेश करने पर छात्र-छात्राओं के हाथ सैनिटाइज कराए जा रहे हैं। 
  • ज्यादातर स्कूल दो पारियों में चल रहे हैं। वहीं, एक कक्षा में सिर्फ 15-20 बच्चे बैठाए जा रहे हैं।
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