राजस्थान सियासी संकट के बीच वल्लभनगर विधायक प्रीति शक्तावत ने बड़ा बयान दिया है। प्रीति शक्तावत ने कहा कि कुछ लोगों ने अंधेरे में रखकर शांति धारीवाल के घर बैठक बुलाई थी। उन्हें इस्तीफा देने के बारे में कोई भी जानकारी नहीं थी। प्रीति ने कहा कि वह अपना इस्तीफा वापस लेंगी।
मीडिया रिपोर्टस के अनुसार प्रीति शक्तावत ने कहा कि उन्हें कांग्रेस आलाकमान का हर फैसला मंजूर है। राजस्थान का सियासी ड्रामा शांति धारीवाल के घर से शुरू हुआ था। अब इसको लेकर प्रीति ने कहा कि उन्हें इस बैठक का कारण नहीं पता था। मुख्यमंत्री की जानकारी के बिना बैठक बुलाना गलत है। इसके साथ ही वल्लभनगर विधायक प्रीति ने पायलट कैंप को गद्दार कहने पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि बार-बार गद्दार शब्द सुनकार दिल बहुत दुखी हुआ था। ऐसी टिप्पणी सुनकर मुझे रोना आया था।
प्रीति शक्तावत ने आगे कहा कि मानेसर जाने वाले उन 19 विधायकों में दिवंगत गजेंद्र सिंह शक्तावत भी थे। ऐसे इस तरह की भाषा को प्रयोग करना दिल को दुखी करने वाला था। इसके साथ ही उन्होंने सीएम गहलोत के कांग्रेस अध्यक्ष का चुनाव न लड़ने को लेकर खेद जताया है। उन्होंने कहा कि अच्छा होता अशोक गहलोत राष्ट्रीय अध्यक्ष बनते तो कांग्रेस पार्टी में पूरा देश का नेतृत्व करते।