याचिका में हाल ही में विद्याधर नगर में हुए हादसे का उदाहरण देने के हुए कहा गया कि फायरकर्मियों को सेना की तरह मुस्तैद होना चाहिए, लेकिन आग लगने पर कर्मचारी बिना संसाधन काफी देरी से पहुंचे। जिसके चलते पांच लोगों की मौत हो गई। याचिका में मुख्य सचिव, अतिरिक्त मुख्य गृह सचिव, कलक्टर और नगर निगम आयुक्त को पक्षकार बनाया गया है।
याचिका पर सुनवाई करते हुए हाइकोर्ट ने राज्य सरकार और नगर निगम को नोटिस जारी किए हैं। कोर्ट ने 3 सप्ताह में जवाब पेश करने के आदेश दिए हैं। यह आदेश मुख्य न्यायाधीश प्रदीप नान्द्रजोग और न्यायाधीश जीआर मूलचंदानी की खंडपीठ ने दिए हैं।