जयपुर नगर निगम में फायर कमेटी की बैठक।
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जयपुर नगर निगम की फायर कमेटी की बैठक 20 महीने बाद बुधवार को हुई। नगर निगम के ईसी हॉल में हुई बैठक में सर्वसम्मति से तय किया गया कि जिस भी प्रतिष्ठान के पास फायर एनओसी नहीं होगी, उन्हें सीज कर लिया जाएगा।
समिति में निर्णय लिया गया कि जयपुर ग्रेटर क्षेत्र में सभी इंडस्ट्री, स्कूल-कॉलेज, हॉस्पिटल एवं अन्य हाईराइज बिल्डिंग का सतत निरीक्षण होगा। समिति सदस्यों के साथ डीसी फायर और सीएफओ की एक संयुक्त टीम बनाई जाएगी। इसके बाद कार्यवाही शुरू होगी। जिन लोगों ने एनओसी नहीं ली है या लेने के बावजूद फायर उपकरण सही तरीके से काम नहीं कर रहे है या निष्क्रिय है, उन्हें सीज करने की कार्यवाही नगर निगम करेगा।
इसके साथ ही फायर एनओसी के सरलीकरण के साथ-साथ फायर स्टेशनों के नवीनीकरण, वाहनों के रखरखाव एवं फायर के ठेकाकर्मी बढ़ाने, वैशाली नगर में फायर ब्रिगेड का प्रशिक्षण केंद्र खोलने के संबंध में भी प्रस्ताव पारित किए गए। साथ ही नगर निगम ग्रेटर मुख्यालय में अग्निशमन यंत्र स्थापित करवाने का प्रस्ताव भी पारित किया गया। विभिन्न विभागों में उनके प्रमुखों को फायर उपकरण लगवाने के लिए लिखा जाएगा। सतत निरीक्षण के जरिए अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता किया जाएगा। आगामी बैठक में फायर इक्विपमेंट से संबंधित जानकार लोगों, इंडस्ट्री प्रमुखों, ग्रेटर क्षेत्र के प्रबुद्ध नागरिकों के साथ भी एक बैठक की जाएगी। इसमें उनसे आवश्यक सुझाव लिए जाएंगे। साथ ही जागरूकता के लिए ग्रेटर क्षेत्र में एक संदेश प्रसारित होगा। चालान की कार्यवाही हेतु नियम बनाने के लिए नियम-उपनियम लिखने का भी निर्णय लिया गया।