मुम्बई में 26/11 को हुए अटैक ने पूरी दुनिया को हिला दिया था। इन हमलों के लिए जिम्मेदार दस आतंकियों में एक अजमल कसाब को जिंदा पकड़ने में सुरक्षा एजेंसियां कामयाब रही थीं। आतंकी कसाब को फांसी की सजा दिलवाने में जिस गवाह की मुख्य भूमिका थी, वह है देविका रोटवाल।
मुम्बई के एक स्लम में रहने वाली देविका इन दिनों मुसीबत में है। दरअसल देविका टीबी से ग्रसित है। उनके परिवार की आर्थिक हालत खराब है, जिसके कारण उनका सही ढंग से इलाज मुमकिन नहीं हो सका है। देविका के अभी तक दो बार आॅपरेशन हो चुके हैं, लेकिन उनकी हालत में अभी तक कोई सुधार नहीं हुआ है। उनके जीवन में चल रहे गम्भीर संघर्ष के बीच अब एक आस जगी है।
तपोवन आगे आया मदद को
मुंबई हमले के नौ साल
अब देविका की मदद के लिए एक एनजीओ ने हाथ बढ़ाया है। राजस्थान के श्रीगंगानगर के एनजीओ तपोवन प्रन्यास ने देविका के इलाज का जिम्मा उठाया है।
यही नहीं श्रीगंगानगर के अस्थाना किडनी एंड जनरल अस्पताल के डॉ. संजय चौहान भी देविका की मदद के लिए आगे है। जहां तपोवन के महेश पेरीवाल देविका के परिवार को दो लाख रुपए की आर्थिक मदद देने के लिए मुम्बई रवाना हो गए हैं।
बैसाखी के सहारे आई कोर्ट
26/11, mumbai attack
- फोटो : Amar Ujala
श्रीगंगानगर के डॉ संजय चौहान के अनुसार अगर देविका व उसका परिवार चाहे तो श्रीगंगानगर आ सकता है। उसका यहां पूरा इलाज किया जाएगा और उसके शिक्षा की व्यवस्था भी अस्पताल की ओर से की जाएगी।
साथ ही दस हजार रुपए माह की नौकरी भी उसे आॅफर की गई है। गौरतलब है कि देविका रोटवाल उस वक्त मीडिया में आई थी, जब वह बैसाखी के सहारे कोर्ट में अजमल कसाब के खिलाफ गवाई देने पहुंची थी।