एक साल बाद पचपदरा विधायक मदन प्रजापत शनिवार को जूते पहनेंगे। पिछले साल बजट सत्र के बाद उन्होंने विधानसभा के बाहर जूते उतार दिए थे। उनका कहना था कि जब बालोतरा को जिला नहीं बनाया जाएगा, तब जूते नहीं पहनूंगा। उनके अभियान का असर था कि बालोतरा के कई समर्थकों ने भी जूते उतार दिए थे। सर्दी, गर्मी और बारिश में भी उनके साथ ही कई समर्थक बिना जूते-चप्पल के रहे।
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राजस्थान विधानसभा में बजट पर चर्चा के जवाब के दौरान बालोतरा का नाम लेने से पहले कहा कि भाई विधायक को जूते पहनाने जा रहा हूं। इसके बाद बालोतरा को जिला बनाने की घोषणा की। इस घोषणा से गदगद पचपदरा विधायक मदन प्रजापत ने कहा कि मुझे बहुत खुशी है। में शनिवार को सीएम हाउस में जूते पहनूंगा। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को धन्यवाद दूंगा। मैंने प्रण लिया था कि जब तक बालोतरा को जिला नहीं बनाया जाएगा, जूते नहीं पहनूंगा। आज पूरे प्रदेश के साथ पूरे बालोतरावासियों के लिए बहुत खुशी का पल है। सभी बालोतरावासियों को बधाई। मैं अब सीएम साहब के पास जाकर उनका धन्यवाद ज्ञापित करूंगा क्योंकि उन्होंने मेरे वचन की लाज रखी है।
राहुल के साथ बिना जूते चले थे विधायक
एक साल पहले पचपदरा विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस विधायक मदन प्रजापत ने बालोतरा को जिला बनाने की घोषणा नहीं होने पर विधानसभा गेट पर जूते त्याग दिए थे। जूते-मोजे उतारकर विधायक ने उन्हें विधानसभा गेट पर ही छोड़ दिया था। विधायक प्रजापत ने कहा था कि मैंने बजट से पहले प्रतिज्ञा ली थी। बजट में बालोतरा को जिला बनाने की मुख्यमंत्री ने घोषणा नहीं की, तो वचन निभाते हुए जूते उतार दिए हैं। मैं तब तक नंगे पैर ही रहूंगा, जब तक बालोतरा को जिला घोषित नहीं कर दिया जाता। इसके बाद राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा के दौरान भी विधायक बिना जूतों के ही चले थे।