शादी की पांचवीं सालगिरह पर पति ने ऐसा फैसला ले लिया कि पत्नी दंग रह गई और समाज वाले चौंक गए। पति ने पत्नी को छोड़ बाकी जीवन एक मूर्ति के साथ बिताने का निर्णय ले लिया है।
इस तरह का अजीबो गरीब मामला कोटा का है। कोटा में एक सामजिक कार्यकर्ता ने अपने दाम्पत्य जीवन से किनारा करते हुए एक आदमकद की मूर्ति को भविष्य के लिए पत्नी रूप में स्वीकार किया है। राजाराम कर्मयोगी नामक के इस व्यक्ति ने जो कारण बताया वो भी लोगों के गले नहीं उतर रहा है। उसका कहना है कि दाम्पत्य जीवन समाजसेवा में व्यवधान उत्पन्न कर रहा है।