राजस्थान में किसान आंदोलन समाप्त करने को लेकर राज्य सरकार और भारतीय किसान महासंघ के प्रतिनिधियों के वार्ता के दौर जारी है। दूसरी तरफ संभाग स्तर पर चल रहे महापड़ाव पर बैठे किसानों ने सोमवार को गिरफ्तारियां दी और मंगलवार से आंदोलन गांव स्तर तक पहुंचाने की घोषणा की है।
किसान संघ के प्रतिनिधियों और सरकार के बीच सोमवार को दोपहर बाद फिर बातचीत शुरु हुई। इससे पहले सोमवार को सुबह और रविवार की रात बातचीत हुई, लेकिन उसमें कोई नतीजा नहीं निकला। तीसरे दौर में किसानों की मांगों पर प्रतिनिधिमंडल के साथ विभागवार मंत्री बाचतीत कर सुलह का प्रयास कर रहे हैं। बिजली संबंधी मांगों को लेकर गतिरोध बताया जा रहा है। बताया जा रहा है कि इस बारे में सीएम वसुंधरा राजे के स्तर पर फैसला होगा। इसके साथ ही किसान प्रतिनिधिमंडल के साथ बातचीत की जानकारी संबंधित विभागों के मंत्री सीएम को देंगे। इसके बाद सभी मांगों की समीक्षा होगी और फिर इस बारे में कोई निर्णय लिया जाएगा।
दूसरी तरफ, संभाग मुख्यालयों पर किसानों ने महापड़ाव स्थलों पर गिरफ्तारियां दी।जयपुर में मानसरोवर में किसानों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए गिरफ्तारी दी। इससे पहले महापड़ाव स्थल पर एक किसान की तबीयत भी बिगड़ गई। इसे संघ के पदाधिकारियों ने अस्पताल पहुंचाया।
उदयपुर में भी महापड़ाव स्थल पर किसानों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान कुछ किसान संभाग कार्यालय की छत पर पहुंच गए। यहां पुलिस के साथ उनकी धक्का—मुक्की भी हुई। बाद में प्रदर्शनकारियों ने सरकार पर वादा खिलाफी का आरोप लगाते हुए गिरफ्तारियां दी।
कोटा में भी सोमवार को किसानों के पांच के दिन के महापड़ाव के बाद किसानों ने संभागीय आयुक्त कार्यालय के बाहर गिरफ्तारियां देकर विरोध दर्ज कराया। दर्जनों किसानों पहले संभागीय आयुक्त कार्यालय पर प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंपा। इसके बाद पुलिस को गिरफ्तारियां दी।
अब गांव तक पहुंचेगा आंदोलन
किसान आंदोलन के तहत किसान अब तक संभाग स्तर पर महापड़ाव डाले हुए है। आंदोलन के अगले चरण में अब आंदोलन गांव तक ले जाया जाएगा। ग्राम से संग्राम के संबंध में सोमवार को कोर कमेटी की बैठक में विचार किया गया। इस चरण में रास्ता रोकने, मंडियों को बंद कराने जैसे कदम उठाए जाएंगे।