बिहार का भूत अब राजस्थान पहुंच गया है। राजस्थान विधानसभा में कुछ विधायकों ने अंधविश्वास की सारी हदें पार कर दी है। इसमें मुख्य सचेतक कालूलाल गुर्जर का नाम सबसे उपर है। इन विधायकों का कहना है कि विधानसभा परिसर में भूत-प्रेत का साया है इसलिए यहां कभी 200 विधायक एक साथ नहीं रहते हैं। अंधविश्वास फैलाने वाले विधायकों का कहना है कि कभी विधायकों की मौत तो कभी उनके साथ और कुछ अनहोनी इस बात को पुख्ता करती है यहां भूत-प्रेत का साया है।
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भूतों की शिकायत मुख्यमंत्री तक
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वसुंधरा राजे
मुख्य सचेतक कालूलाल गुर्जर के अनुसार विधानसभा परिसर में भूत-प्रेत के साए के संबंध में मुख्यमंत्री को भी बताया गया है। उनका कहना है कि जहां विधानसभा भवन बना हुआ है। वहां कभी शमशान हुआ करता था। यहां बच्चे भी दफनाए जाते थे। उनका कहना है कि मुख्यमंत्री से इस संबंध में हवन-अनुष्ठान कराने की भी बात की गई है। कालूलाल गुर्जर की इस बात का साथ विधायक हबीबुर्रहमान ने भी दिया।
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विधानसभा के प्रति कितने गंभीर है विधायक
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कालूलाल गुर्जर
हमारे जनप्रतिनिधि संसदीय कार्यों के प्रति कितने गंभीर है इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वे कमेटी बनाकर भूत-प्रेत की जांच करने की मांग कर रहे हैं। ये मांग इन लोगों ने विधानसभा उपाध्यक्ष से की है। संसदीय मंत्री राजेन्द्र राठौड़ ने कहा कि वे भूत-प्रेतों की बातों को नकारते हैं। मगर फिर भी उपाध्यक्ष चाहे तो इस बात की जांच कमेटी बनाकर की जा सकती है।
जब मुख्य सचेतक कालूलाल गुर्जर विधानसभा के बाहर मीडिया से भूत-प्रेतों की बात कह रहे थे तब कुछ विधायकों ने इसे अंधविश्वास बताया। कांग्रेस विधायक धीरज गुर्जर सहित अन्य विधायकों ने इसे गलत करार दिया। गौरतलब है कि राजस्थान विधानसभा के इस भवन में शिफ्ट होने के बाद संयोगवश विधायकों की मौत व अन्य घटनाएं हुई है। इस भवन में वास्तुदोष बताते हुए यहां पूर्व में भी एक कुंआ खुदवाया जा चुका है।