27 साल पहले अदालत के सामने आया मामला अदालतों में घूमता रहा। अब आज जाकर ये तय हुआ कि किस अदालत में सुनवाई होगी।
जानकारी के अनुसार राजस्थान हाईकोर्ट ने 27 साल पुराने मामले के रेफरेंस को तय करते हुए कहा है कि हाईकोर्ट 1989 में ही तय कर चुका है कि केवल डकैती के मामले में सुनवाई डकैती उन्मूलन की विशेष अदालत में होगी, जबकि मारपीट और लूट के मामले की ट्रायल नियमित अदालत में होगी।
न्यायाधीश के.एस. अहलुवालिया की एकलपीठ ने यह आदेश करौली डीजे की ओर से भेजे गए रेफरेंस को तय करते हुए दिए।