बच्चे की अभिरक्षा देने के एक मामले में आज अदालत ने एक बच्चे को उसकी कस्टडी मां को सौंपते हुए ऐसे मामलों में उनकी इच्छा के बारे में पूछने को कहा है।
राजस्थान हाईकोर्ट ने बच्चे की अभिरक्षा देने के संबंध में सवाई माधोपुर फैमिली कोर्ट की ओर से दिए आदेश को रद्द कर दिया है। इसके साथ ही अदालत ने प्रकरण को पुन: सुनवाई के लिए भेजते हुए कहा है कि बच्चे की अभिरक्षा तय करते समय उसकी इच्छा का भी पता लगाएं। वहीं अदालत ने प्रकरण के लंबित रहने के दौरान बच्चे को उसकी मां से मिलने की अनुमति देने को कहा है। मुख्य न्यायाधीश प्रदीप नान्द्रजोग और न्यायाधीश जीआर मूलचंदानी की खंडपीठ ने यह आदेश बच्चे की मां लक्ष्मा की ओर से दायर याचिका का निस्तारण करते हुए दिए।