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दुष्कर्म रोकने के लिए मंत्री ने पायलट से मांगा जादू का डंडा...

Wed, 10 May 2017 04:01 PM IST
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
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कालीचरण सर्राफ।
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पांच वर्ष की अबोध के साथ हुए दुष्कर्म मामले में दिए बयानों से चिकित्सा मंत्री कालीचरण सराफ विवादों में फंस गए हैं। उन्होंने कहा है कि सरकार दुष्कर्म रोकने के लिए घर-घर पहरा नहीं लगा सकती।उन्होंने कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष सचिन पायलट को जवाब देते हुए कहा कि दुष्कर्म की घटनाओं को रोकने के लिए पायलट ही कोई जादू का डंडा दे दें। उन्होंने पायलट को अपरिपक्व कह डाला और कहा कि उन्हें पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से कुछ सीखना चाहिए।
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कालीचरण सराफ ने सवाल उठाया कि क्या कांग्रेस राज में दुष्कर्म नहीं होते थे? तब क्या राम राज्य था? पायलट के पास और कोई काम नहीं है। कहना आसान है। सराफ ने कहा कि वे पायलट से पूछना चाहते हैं वे दुष्कर्म मामले में क्या कर सकते हैं और वे क्या चाहते हैं। यदि किसी का नौकर बलात्कार करता है, तो इसमें सरकार या पुलिस क्या कर सकती है? एक-एक घर पहरा लगाएगी क्या? सराफ ने कहा कि पायलट को अभी पता नहीं है कि कहां क्या बोलना चाहिए।

उन्होंने कहा कि घटना के बाद पुलिस केवल अपराधियों को पकड़ सकती है और उन्हें सजा दिलवा सकती है। उन्होंने कहा कि दुष्कर्म की घटनाएं दुःखद हैं और विकृत मानसिकता की परिचायक हैं। सराफ यहीं नहीं रुके, उन्होंने कहा कि ये बात सही है कि अपराध बढ़ रहे हैं, लेकिन अब क्या किया जा सकता है?
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उन्होंने पायलट को नसीहत दी कि दुष्कर्म मामले में राजनीति नहीं करनी चाहिए। इससे पूर्व सचिन पायलट मंगलवार को जयपुर के जे के लोन अस्पताल में एक पांच वर्षीय दुष्कर्म पीड़िता का हालचाल जानने पहुंचे थे।

पायलट ने इस मौके पर कहा था कि राज्य में महिला मुख्यमंत्री होने के बाद भी दुष्कर्म की घटनाओं का होना शर्म की बात है। इसके बाद राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष सुमन शर्मा से लेकर चिकित्सा मंत्री कालीचरण सर्राफ तक सरकार के बचाव में बयान देने के लिए मैदान में आ गए है।
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गौरतलब है कि जयपुर शहर में पिछले पांच दिनों में दो मासूम बच्चीयों के साथ दुष्कर्म की वारदात सामने आई हैं।
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