राजस्थान हाईकोर्ट ने प्रमुख गृह सचिव, डीजीपी, आईजी अजमेर और टोंक एसपी सहित अन्य को नोटिस जारी कर पूछा है कि टोंक जिले में पुलिस कॉन्सटेबलों को बिना आवेदन ही हेड कॉन्सटेबल पद पर कैसे पदोन्नत किया गया।
न्यायाधीश वीएस सिराधना की एकलपीठ ने यह आदेश भरत लाल शर्मा व अन्य की ओर से दायर याचिका पर प्रारंभिक सुनवाई करते हुए दिए।
याचिका में अधिवक्ता लक्ष्मीकांत शर्मा ने बताया कि वर्ष 2013-14 के कॉन्सटेबल से हैड कॉन्सटेबल के 113 पदोन्नति पदों के लिए गत 26 जनवरी को टोंक एसपी कार्यालय ने पात्र कॉन्सटेबलों से आवेदन मांगे। वहीं बाद में पदों की संख्या घटाकर 71 कर दी गई। विभाग की ओर से गत वर्ष 28 फरवरी से परीक्षा आयोजित कराई गई। याचिका में कहा गया कि विभाग ने तीन ऐसे पुलिस कॉन्सटेबल को हैड कॉन्सटेबल पद पर पदोन्नत कर दिया, जिन्होंने न इस भर्ती के लिए आवेदन किया और न ही भर्ती परीक्षा में भाग लिया। इसके अलावा तय 71 पदों के स्थान पर 83 कॉन्सटेबल को पदोन्नति दी गई।
जिस पर सुनवाई करते हुए एकलपीठ ने संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।