अदाणी ग्रुप में निवेश मामले की ज्वाइंट पार्लियामेंट्री कमेटी से जांच कराने की मांग पर कांग्रेस पार्टी अड़ी है। इसी मुद्दे पर पार्टी नेताओं कार्यकर्ताओं ने संसद से लेकर सड़क तक विरोध प्रदर्शन किया। AICC के निर्देश पर राजस्थान में भी राजधानी जयपुर समेत तमाम जिलों में कांग्रेस ने LIC और SBI ऑफिसों के बाहर धरने दिए। साथ ही मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की गई।
राजधानी जयपुर में अंबेडकर सर्किल स्थित एलआईसी कार्यालय के बाहर जयपुर शहर कांग्रेस ने धरना दिया। इस धरने में सैकड़ों की संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और नेता शामिल हुए। कैबिनेट मंत्री और जयपुर शहर कांग्रेस के निवर्तमान अध्यक्ष प्रताप सिंह खाचरियावास के नेतृत्व में करीब एक घंटे तक धरना दिया गया। धरने में पीएचईडी मंत्री डॉ महेश जोशी, विधायक अमीन कागजी, पूर्व महापौर ज्योति खंडेलवाल, जयपुर हेरिटेज नगर निगम की मेयर मुनेश गुर्जर, कांग्रेस नेता ललित तूनवाल, जसवंत गुर्जर, रामसिंह कस्वा, पुष्पेंद्र भारद्वाज, सीताराम अग्रवाल सहित कई अन्य नेता शामिल हुए।
ज्वाइंट पार्लियामेंट्री कमेटी गठित कर जांच की मांग...
धरना प्रदर्शन में शामिल कैबिनेट मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने कहा कि एलआईसी और एसबीआई ने अपने करोड़ों निवेशकों की गाढ़ी कमाई का पैसा जोखिम लेकर अडानी समूह में निवेश किया है और निवेश के दौरान सारे नियम-कायदे ताक पर रख दिए गए। उन्होंने कहा कि एक विदेशी कंपनी ने भ्रष्टाचार का खुलासा किया है, अब इस मामले में केंद्र सरकार अदाणी समूह पर कोई कार्रवाई करने की बजाय उन्हें बचाने का प्रयास कर रही है। संसद में भी इस मामले में चर्चा कराने से केंद्र सरकार भाग रही है। उन्होंने कहा केंद्र सरकार को इस भ्रष्टाचार मामले की जांच के लिए संसद की ज्वाइंट पार्लियामेंट्री कमेटी बनानी चाहिए, जो इस मामले में निष्पक्ष जांच करें।
राजस्थान सरकार ने अदाणी की दो जमीन...
राजस्थान की कांग्रेस सरकार ने अदाणी ग्रुप के साथ एमओयू कर करीब 39 हजार बीघा जमीन कैबिनेट की बैठक में प्रस्ताव पास कर अडानी को दी है। अब कांग्रेस ही केंद्र सरकार को गलत ठहराया जा रहा है। मीडिया के सवाल पर मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने कहा, ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी और राहुल गांधी ने सवाल खड़े किए हैं। कांग्रेस ने कहा है कि जेपीसी गठित की जाए। जब जेपीसी बनेगी तो केंद्र सरकार और राज्य सरकारों की भी सच्चाई सामने आएगी। अब पैसा डूबा है चार लाख करोड़ रुपए। इंवेस्टमेंट के लिए हर बिजनेसमैन रूल रेग्युलेशन के हिसाब से आगे आता है। मान लें हमारी कैबिनेट में भी हमने जमीनें आवंटित की हैं, तो जॉइंट पार्लियामेंट्री कमेटी बनेगी और जांच हो जाएगी। यह कांग्रेस- बीजेपी का सवाल नहीं है। अडाणी ने जो डम्प किया, देश की जनता का पैसा, एलआईसी और बैंको का पैसा लिया है। उसकी जांच होगी। उस जांच में राज्य सरकार ने क्या-क्या किया और केंद्र सरकार ने क्या-क्या किया सच्चाई सामने आएगी।
खाचरियावस बोले, एलआईसी के बाहर इसलिए प्रदर्शन किया गया है, क्योंकि केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया जा रहा है। एलआईसी ने भी लगभग एक लाख करोड़ रुपये टाईअप करके इन्वेस्ट किया है। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, सांसद सुशील मोदी अब अडाणी की तारीफ कर रहे हैं। जो सवाल हमारा नेता राहुल गांधी खड़े करेगा, वो पूरी कांग्रेस का सवाल है।
मित्र उद्योगपतियों को लाभ पहुंचाया गया...
पीएचईडी मंत्री महेश जोशी ने कहा, केंद्र की मोदी सरकार पिछले सात साल से केवल अपने मित्र उद्योगपतियों को ही सारे नियम कायदे ताक पर रखकर लाभ पहुंचा रही है। सारे बड़े टेंडर उन्हें ही दिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी लगातार इस मामले को लंबे समय से उठाते आ रहे हैं। जोशी बोले, इस मामले की जांच संसद की ज्वाइंट पार्लियामेंट्री कमेटी या सुप्रीम कोर्ट के जज की अध्यक्षता में गठित कमेटी से कराई जाए, जिससे कि दूध का दूध और पानी का पानी साफ हो। केंद्र सरकार बार-बार अपने उद्योगपति मित्रों का कर्जा माफ करती आ रही है, लेकिन किसानों का कर्जा माफ नहीं किया जा रहा। इससे पहले कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने केंद्र के मोदी सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।