अपराधी जहां पुलिस पर आए दिन फायरिंग कर फरार हो रहे हैं। वहीं पुलिस की कार्यशैली भी कई बार सवालों के घेरे में आ रही है। यदि चेन्नई पुलिस एक गलती नहीं करती तो वह अपने सीआई पेरियापंडियान को शहीद होने से बचा सकती थी।
दरअसल आज सुबह पाली के रामपुरा गांव के नजदीक की गई चेन्नई पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठ रहे हैं। इस कार्रवाई में चेन्नई पुलिस के एक सीआई के पेरियापंडियान शहीद हो गए। चेन्नई पुलिस टीम ने अपनी इस कार्रवाई की सूचना स्थानीय पुलिस को नहीं दी थी। जानकारों का मानना है कि यदि स्थानीय पुलिस को साथ ले लिया जाता, तो इतनी बड़ी वारदात होने से बच सकती थी।
मामले के तहत जब चेन्नई पुलिस की टीम ने चोरी के आरोपी नाथूलाल को पकड़ने के लिए दाबिश दी तब स्थानीय पुलिस या अन्य कोई स्थानीय व्यक्ति वहां मौजूद ही नहीं था। मौके पर भीड़ के बीच चेन्नई पुलिस टीम के कुल सात सदस्यों में से केवल पांच ही थे।