राजस्थान में गुर्जरों ने पांच फीसदी आरक्षण की मांग को सरकार को एक बार फिर 15 दिन का अल्टीमेटम दिया है।
सचिवालय में आज केबिनेट सब कमेटी की बैठक गुर्जर आरक्षण, देवनारायण योजना और गुर्जर आंदोलन के दौरान नेताओं पर लगाए मुकदमें वापस लेने के एजेंडा पर बुलाई गई। बैठक में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अरूण चतुर्वेदी, पंचायतीराज मंत्री राजेंद्र राठौड़ और गुर्जर नेता किरोड़ी सिंह बैंसला, हिम्मत सिंह तथा अन्य पदाधिकारी शामिल हुए।
करीब दो घंटे चली इस बैठक के दौरान कोई ठोस निर्णय नहीं हुआ। गुर्जर नेताओं ने सरकार की ओर से पांच फीसदी आरक्षण देने को लेकर लाए जा रहे विधेयक का विरोध किया। उन्होंने कहा कि सरकार इस संबंध में दो विधेयक ला रही है। जिसमें एक फीसदी आरक्षण, आरक्षण की अधिकतम सीमा 50 फीसदी के अंदर और बाकी चार फीसदी इस सीमा से बाहर जाकर देने का प्रस्ताव है।
उन्होंने कहा कि इस विधयेक से स्थितियां सुलझने की बजाय उलझेगी। इसको लेकर फिर अदालती विवाद होगा। ऐसे में वे पांच फीसदी मौजूदा आरक्षण की सीमा में ही मांग रहे है। इस मांग को लेकर सरकार 15 दिन का अल्टीमेटम दिया गया है। हालांकि बैठक में गुर्जर आंदोलन के दौरान गुर्जर नेताओं के खिलाफ दर्ज आपराधिक मामलों को लेकर एक कमेटी का गठन करने पर सहमति बनी है। बैठक में देवनारायण योजना पर कोई चर्चा नहीं हो सकी।