बीते चार दिनों से बंद एक जिले में आज से फिर चहल-पहल प्रारंभ होगी। दरअसल राजस्थान का बूंदी जिला बीते चार दिनों से विवादित शिलाखंड पर पूजा-अर्चना नहीं किए जाने के विरोध में बंद था। लेकिन बृहस्पतिवार को सर्वसमाज की हुई बैठक में लिए गए निर्णय के बाद विरोध समाप्त हो गया।
जानकारी के अनुसार बूंदी के मानधाता छतरी विवाद में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि वहां दीपक जलाया जाएगा। इसके बाद बड़ी संख्या में लोगों के साथ संत रामलखनदास ने विवादित स्थल पर दीपक जलाया। इसके बाद विरोध समाप्त हो गया और बाजार खुलने लगे।
एक समुदाय की यही शर्त थी कि जब तक संत रामलखनदास को हिरासत से आजाद नहीं किया जाएगा और संबंधित स्थल पर दीया नहीं जलाने दिया जाएगा, तब तक शहर बंद रहेगा।
किया गया इस समिति का गठन
फाइल फोटो।
इधर, सभी पक्षों की बैठक में एक प्रशासनिक समिति के गठन पर मुहर लगी, जो विवादित स्थल पर पूजा-अर्चना व रख-रखाव पर निर्णय लेगी। इस समिति के आखिरी निर्णय तक मानधाता छतरी पर दीपक वन विभाग को कोई कर्मचारी जलाएगा।
वहीं जब तक इस समिति की कोई रिपोर्ट नहीं आ जाती तब तक इस स्थल पर कोई कार्यक्रम या किसी भी प्रकार की आवाजाही नहीं होगी। गौरतलब है कि बीते सोमवार को हिन्दु महासभा के हजारों कार्यकर्ताओं व साधु-संतों ने विवादित स्थल पर पूजा करने का प्रयास किया था।
इंटरनेट अभी रहेगा बंद
फाइल फोटो।
पूजा के प्रयास करते समय पुलिस ने इन्हें रोकने के लिए लाठीचार्ज कर दिया था। जिसके बाद माहौल बिगड़ गया और बूंदी में बाजारों को अनिश्चितकाल के लिए बंद करने का आह्वान किया गया था।
विवाद का हल निकलने के बाद भी जिला प्रशासन ने आगामी सात जनवरी तक इंटरनेट सेवा बंद रखने का निर्णय लिया है। साथ ही पुलिस बल भी आगामी कुछ दिन तक हाई अलर्ट पर ही रहेगा।