राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के परीक्षा परिणामों में ऐसा पहली बार हुआ है कि बोर्ड के परिणामों की मैरिट लिस्ट जारी नहीं की गई। अब तक जिला स्तर व राज्य स्तर पर मैरिट लिस्ट जारी की जाती रही है, लेकिन बोर्ड प्रबंधन ने पिछली बार के अनुभवों को देखते हुए इस बार मैरिट लिस्ट जारी करनी करने का निर्णय लिया।
बारहवीं के विज्ञान व वाणिज्य विषय के बोर्ड परिणाम जारी करते हुए शिक्षा राज्यमंत्री वासुदेव देवनानी ने कहा कि कई कारण हैं जिन्हें देखते हुए यह निर्णय लिया है। देवनानी ने कहा कि मैरिट लिस्ट जारी करने के बाद बच्चों पर मानसिक रूप दबाव आता है। उनकी तुलना दूसरे बच्चों से की जाने लगती है। इसके साथ ही यह भी सामने आया है कि कई निजी स्कूल इस वरियता सूची का गलत फायदा उठाते थे। जिसके चलते यह कदम उठाया गया है। इसके साथ ही अस्थाई मैरिट लिस्ट घोषित करने के कारण बाद में पुनर्मूल्यांकन होता है, उसके बाद भी लिस्ट अपडेट होती रहती है, जिससे परेशानी होती है।
अब सवाल यह कि जब मैरिट लिस्ट जारी नहीं होगी तो फिर टॉपर्स का पता कैसे चलेगा। इसके जवाब में देवनानी ने कहा कि बोर्ड जल्द ही इस तरह के टॉपर्स के बारे में जानकारी जारी कर देगा। जिससे न तो स्कूल उसका फायदा उठा सकेंगे न ही सामान्य छात्र दवाब में आएंगे।