ट्यूशन फीस में छूट ओबीसी और एमबीसी वर्ग के उन स्टूडेंट्स को मिलेगी, जो नॉन-क्रीमी लेयर श्रेणी में आते हैं। ओबीसी में जाट, कुमावत, माली, यादव और चारण सहित 82 जातियां शामिल हैं, जबकि एमबीसी में गुर्जर, रैबारी, बंजारा सहित पांच जातियां आती हैं। यदि किसी परिवार की सालाना आय आठ लाख रुपये से कम है तो उस परिवार को नॉन क्रीमी लेयर की श्रेणी में रखा जाएगा। यानी आठ लाख से कम आय वर्ग वाले परिवार के स्टूडेंट्स को ट्यूशन फीस में छूट का फायदा मिलेगा। अगर किसी परिवार की सालाना आय आठ लाख रुपये से अधिक है तो उस परिवार को क्रीमी लेयर की श्रेणी में रखा जाएगा। ऐसे परिवार के स्टूडेंट को फीस में छूट का फायदा नहीं मिलेगा।
ओबीसी और एमबीसी वर्ग के स्टूडेंट्स को फीस में छूट देने के लिए मेडिकल एजुकेशन विभाग ने पूरी तैयारी कर ली है। फीस में छूट का प्रस्ताव मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को भेज दिया गया है। मेडिकल एजुकेशन विभाग के प्रमुख सचिव टी रविकांत का कहना है कि सीएम की मंजूरी के बाद इसे कैबिनेट की मीटिंग में रखा जाएगा। उधर, विभाग के अफसरों का कहना है कि यह प्रस्ताव सीएमओ के निर्देश पर ही तैयार किया गया है। इसे जल्दी ही मंजूरी मिलने की संभावना है।
छह सरकारी मेडिकल कॉलेजों में मिलेगी छूट...
जिन सरकारी मेडिकल कॉलेजों में ओबीसी और एमबीसी वर्ग के स्टूडेंट्स को छूट मिलने जा रही है, उनमें छह सरकारी मेडिकल कॉलेज शामिल हैं। इनमें जयपुर का एसएमएस मेडिकल कॉलेज, जोधपुर का डॉ. संपूर्णानंद मेडिकल कॉलेज, बीकानेर का सरदार पटेल मेडिकल कॉलेज, कोटा का गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज, अजमेर का जेएलएन मेडिकल कॉलेज और उदयपुर का आरएनटी मेडिकल कॉलेज शामिल हैं। इन मेडिकल कॉलेजों में पढ़ने वाले ओबीसी और एमबीसी वर्ग नॉन क्रीमीलेयर स्टूडेंट्स को सालाना 60,800 रुपए की ट्यूशन फीस माफ होगी।
एसएमएस सहित प्रदेश के छह सरकारी मेडिकल कॉलेजों में यह छूट मिलेगी...
राज्य सरकार ने पिछले दिनों सरकारी मेडिकल कॉलेजों और राजस्थान मेडिकल एजुकेशन सोसाइटी के अधीन चल रहे कॉलेजों में गवर्नमेंट सीटों की फीस एक समान निर्धारित कर दी थी। इसके अनुसार ट्यूशन फीस 60,800 रुपये तय की गई थी। ऐसे में यह तय है कि जैसे ही मेडिकल एजुकेशन विभाग के प्रस्ताव पर कैबिनेट की मुहर लगेगी ओबीसी-एमबीसी के स्टूडेंटस को ट्यूशन फीस में छूट मिलनी शुरू हो जाएगी।
एससी-एसटी, ईडब्लूएस और महिलाओं को छूट पहले से...
सरकारी मेडिकल कॉलेजों में एससी-एसटी, ईडब्ल्यूएस और गर्ल्स स्टूडेंट्स को सरकार पहले से ही ट्यूशन फीस की छूट दे रही है। गर्ल्स स्टूडेंट्स और एससी-एसटी वर्ग के स्टूडेंट्स को तो यह छूट काफी पहले से मिल रही थी लेकिन जब से ईडब्ल्यूएस की नई कैटेगरी बनी सरकार ने इस वर्ग को भी एमबीबीएस की पढ़ाई में ट्यूशन फीस में छूट पिछले साल 30 सितंबर से देना शुरू कर दिया था।
ओबीसी-एमबीसी वर्ग की लंबे समय से चल रही थी मांग...
एससी--एसटी वर्ग को फीस में छूट मिलने के कारण ओबीसी और एमबीसी वर्ग भी लंबे समय से फीस में छूट की मांग कर रहा था। 30 सितंबर को ईडब्ल्यूएस को जैसे ही सरकार ने छूट की घोषणा की यह मांग तेज हो गई थी। गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति के अध्यक्ष विजय बैंसला का कहना है कि यह छूट बैक डेट से मिलनी चाहिए, ताकि चालू सत्र के स्टूडेंट्स को इसका फायदा मिल सके।
उधर, गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति के अध्यक्ष विजय बैंसला ने बताया कि जब दूसरे वर्गों को फीस में छूट दी जा रही है तो ओबीसी-एमबीसी वर्ग को भी छूट मिलनी ही चाहिए। इस संबंध में हम सरकार से लगातार मांग कर रहे हैं। हमारी यह भी मांग है कि फीस में छूट चालू सत्र से ही मिले। चूंकि सत्र शुरू हो चुका है, इसलिए सरकार को यह फैसला बैकडेट से लागू करना चाहिए। ताकि मौजूदा सत्र में एडमिशन पाने वाले बच्चों को इसका फायदा मिल सके।
सरकारी मेडिकल कॉलेजों में अभी फीस स्ट्रक्चर इस प्रकार है...
- ट्यूशन फीस (वार्षिक) : 60,800
- एडमिशन फीस (वन टाइम) : 17,700
- कॉशन मनी (वन टाइम) : 7,500
- स्पोट्र्स फीस (वार्षिक) : 14,700
- इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट एंड वेलफेयर फंड (वार्षिक) : 7,500
- हॉस्टल मेंटीनेंस चार्जेज (सिंगल सीट) : 29,400
- हॉस्टल मेंटीनेंस चार्जेज (डबल सीट) : 23,500
- हॉस्टल मेंटीनेंस चार्जेज (ट्रिपल सीट) : 19,100
- इलेक्ट्रिसिटी एंड वाटर चार्जेज (वार्षिक) : 10,300