राजस्थान हाईकोर्ट ने पटवारी भर्ती-2015 के सफल अभ्यर्थियों को नियुक्तियां देने पर 25 जुलाई तक अंतरिम रोक लगा दी है। इसके साथ ही अदालत ने राजस्व सचिव और राजस्थान अधीनस्थ सेवा चयन बोर्ड को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
न्यायाधीश रामचंदसिंह झाला की अवकाशकालीन एकलपीठ ने यह आदेश देवेन्द्र कुमार मेहता की ओर से दायर याचिका पर प्रारंभिक सुनवाई करते हुए दिए। याचिका में अधिवक्ता रामप्रताप सैनी ने अदालत को बताया कि अधीनस्थ सेवा चयन बोर्ड ने पटवारियों के 3 हजार 979 पदों पर नवंबर 2015 में भर्ती निकाली। जिसकी मुख्य परीक्षा गत 24 दिसंबर को आयोजित की गई। याचिका में कहा गया कि चयन बोर्ड की ओर से जारी उत्तर कुंजी से पता चला कि याचिकाकर्ता के चार प्रश्नों के उत्तरों को गलत मानकर उन्हें डिलीट कर दिया। जिसके चलते याचिकाकर्ता चयन से वंचित हो गया। यदि उत्तरों की सही जांच की जाती तो याचिकाकर्ता चयनित हो जाता। याचिका में गुहार की गई कि विशेषज्ञ कमेटी बनाकर विवादित प्रश्नों की जांच की जाए।
जिस पर सुनवाई करते हुए अवकाशकालीन एकलपीठ ने नियुक्तियां देने पर रोक लगाते हुए संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।