राजस्थान हाईकोर्ट ने शुक्रवार को प्री—पीजी प्रवेश प्रक्रिया मामले में बोनस अंकों को लेकर लगाई गई याचिका पर सुनवाई की। आरयूएचएस और राजस्थान विवि से एमबीबीएस करने वाले डॉक्टरों को सीटों पर आरक्षण नहीं देने का आदेश दिया।
न्यायाधीश अजय रस्तोगी की खंडपीठ ने ये आदेश चिकित्सकों की ओर से लगाई गई याचिका पर दिया। याचिका में बताया गया कि प्री-पीजी प्रवेश के लिए ग्रामीण क्षेत्र में एक साल से लगे चिकित्सकों को दस फीसदी, दो साल से लगे चिकित्सकों को बीस फीसदी और तीन साल से लगे चिकित्सकों को तीस फीसदी बोनस अंक देने के आदेश जारी किए थे, लेकिन राज्य सरकार केवल दस फीसदी बोनस अंक देने का आदेश दे दिया। इस पर कोर्ट ने राज्य सरकार के आदेश को रद्द करने का आदेश दिया।
साथ ही, राज्य सरकार के उस आदेश को भी रद्द कर दिया जिसके अनुसार आरयूएचएस और राजस्थान विश्वविद्यालय से एमबीबीएस करने वाले छात्रों को प्री—पीजी की 25 फीसदी सीटों पर आरक्षण दिया गया था। गौरतलब है कि आरयूएचएस की स्थापना से पहले राजस्थान विवि की ओर से भी छात्रों को एमबीबीएस करवाई जाती थी।