पीएम मोदी ने कहा-सिर्फ गहलोत सरकार की एंटी-इनकम्बेंसी से राजस्थान में बीजेपी सरकार नहीं आएगी।
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बीजेपी राष्ट्रीय कार्यकारिणी की दो दिवसीय बैठक के समापन के मौके पर पीएम नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में विशेष तौर पर राजस्थान के विधानसभा चुनाव का जिक्र किया। सूत्र बताते हैं पीएम मोदी ने राजस्थान के पार्टी नेताओं को साफ कहा है कि सिर्फ गहलोत सरकार की एंटी-इनकम्बेंसी से राजस्थान में सरकार नहीं आएगी। इसलिए राजस्थान में बीजेपी नेताओं को एकजुट होकर मेहनत करके कमल खिलाना पड़ेगा । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजस्थान, मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ का जिक्र करते हुए यह भी कहा कि पिछली बार हम अति आत्मविश्वास के कारण इन राज्यों में चुनाव हार गए थे। हमें इस बार अति आत्मविश्वास से बचना होगा। लोगों के बीच रहकर, साथ मिलकर सभी को मेहनत करनी होगी। सूत्रों के मुताबिक पीएम नरेंद्र मोदी ने बैठक में यह भी कहा कि पार्टी नेताओं को राजस्थान में अति आत्मविश्वास में रहने की जरूरत नहीं हैं। जो ऐसा सोच रहे हैं कि चुनाव से पहले मोदी आएंगे, प्रदेश में चुनावी जन सभाएं करेंगे और हम चुनाव जीत जाएंगे, तो उनका ये नजरिया ठीक नहीं है।
लोगों से मिलें और युवाओं को जागरूक करें
बीजेपी राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में मोदी ने बीजेपी नेताओं को कहा कि रोजाना अलग-अलग जगहों के दौरें करें। प्रदेशभर के जिलों में जाकर लोगों से मुलाकात करें। ज्यादा से ज्यादा लोगों से मेलजोल बढ़ाएं। जैसे- एक दिन किसी धार्मिक स्थल पर जाएं और लोगों से मिलें। अगले दिन किसी यूनिवर्सिटी में पहुंचें और युवाओं से मुलाकात करें। फिर किसी अन्य स्थान पर जाकर लोगों से मुलाकात करें।
18 से 25 उम्र के युवाओं को जागरूक करें
प्रधानमंत्री मोदी ने कार्यकारिणी में यह भी कहा कि 18-25 साल की उम्र के युवाओं ने पिछली कांग्रेस और यूपीए की सरकारों के कुशासन को नहीं देखा-समझा है। इस नई पीढ़ी के मतदाताओं को यह नहीं पता कि पहले की सरकारों ने किस तरह कदाचार और कुशासन से सरकारें चलाई हैं। अब हमें किस तरह देश को सुशासन की ओर लेकर जाना है। इसलिए युवाओं में इस सब बातों के बारे में जागरूकता पैदा करनी चाहिए।
पीएम मोदी के बयान के सियासी मायने
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजस्थान के वरिष्ठ बीजेपी नेताओं को इशारों में ही साफ चेता दिया है कि आपसी खींचतान या गुटबाजी के बीच इस साल होने वाले विधानसभा चुनाव में उतरे, तो चुनाव नहीं जीत पाएंगे। इसलिए सभी नेताओं को मिलजुलकर ही चुनाव लड़ना होगा। इस पार्टी लाइन से अलग हटकर चलने की अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पीएम ने यह भी इशारा कर दिया है कि राजस्थान का फीडबैक समय-समय पर वह प्रदेश और केंद्रीय पार्टी संगठन से लेते रहते हैं। उनके पास पूरी रिपोर्ट है। इसलिए उन्हें यह सीख देनी पड़ी।