अलवर के बहरोड़ में बहुचर्चित कथित गौ-तस्कर मौत और मारपीट मामले में गिरफ्तार छात्र संघ अध्यक्ष सहित तीन जनों को स्थानीय निचली अदालत ने बृहस्पतिवार को पुुलिस रिमाण्ड पर भेज दिया। मामले में आए उबाल के बाद बुधवार को पुलिस की तीन टीमों ने कार्रवाई करते हुए तीन लोगों को गिरफ्तार किया था।
जानकारी के अनुसार गिरफ्तार तीन जनों में से एक बहरोड़ के राजकीय धर्मचंद गांधी कॉलेज का छात्रसंघ अध्यक्ष विपिन चंद्र यादव है, जबकि दो अन्य लोगों में रविंद्र यादव व फौजी काूलराम को भी गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने छह आरोपियों के खिलाफ पांच-पांच हजार रुपए का ईनाम घोषित किया है। पुलिस के अनुसार जिलेभर में अलग-अलग स्थानों पर दबिश दी जा रही है। जल्द ही अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी की जाएगी।
इस मामले में राजस्थान के गृह मंत्री गुलाबचंद कटारिया ने कहा था कि गौ-रक्षकों ने उन्हें रोका वह तो अच्छा था, लेकिन मारपीट कर कानून हाथ में नहीं लेना चाहिए। यदि गौ-तस्करी की सूचना या आशंका होती है तो गौ-रक्षक वाहनों को रोक सकते हैं, लेकिन उन्हें किसी के साथ मारपीट नहीं करनी चाहिए। कटारिया का कहना कि इस मामले में उचित कार्रवाई की जाएगी।
इस मामले में पुलिस ने गौ-तस्करों और मारपीट करनेवाले स्थानीय 200 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। इससे पूर्व पुलिस ने 15 कथित गौ-तस्करों के खिलाफ राजस्थान बोवाइन एनिमल एक्ट 1995 के तहत मामला दर्ज कर इन्हें गिरफ्तार कर लिया था।
पुलिस का कहना है कि जो गौवंश पकड़ा गया, उसे ले जाने के लिए उपर्युक्त दस्तावेज इन लोगों के पास नहीं मिले हैं। जबकि पीड़ित पक्ष का कहना है कि उनके पास जयपुर नगर निगम से लिया गया ट्रांजिट परमिट था। इस परमिट को लेने के लिए उन्होंने जयपुर नगर निगम में 700 रुपए जमा भी कराए थे।
गौरतलब है कि शनिवार रात को हरियाणा के नूंह निवासी पहलू खान और 15 अन्य लोग गौवंश के साथ जयपुर से हरियाणा की ओर जा रहे थे। अलवर के बहरोड़ में गौ-रक्षकों ने कथित गौ-तस्करों के साथ मार-पिटाई की थी। पुलिस ने भीड़ के चुंगल से इन लोगों को छुड़ाया और गंभीर रूप से घायल पांच लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया।
इनमें से एक 55 वर्षीय पहलू खान की सोमवार रात मौत हो गई थी। इसके बाद मामले ने राजनीतिक रूप ले लिया। संसद तक में ये मामला गूंजा।