जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल के सामने जयपुर में अब पैरलल लिटरेचर फेस्टिवल की शुरुआत की गई है। आयोजकों ने इसे पीएलएफ यानी समानांतर साहित्य उत्सव का नाम दिया है।
राजस्थान की राजधानी जयपुर में आज तीन दिवसीय पीएलएफ 2018 की शुरुआत की गई। इस मौके पर पीएलएफ के अध्यक्ष ऋतुराज ने कहा कि समानांतर साहित्य उत्सव एक छोटी पहल है जिसे राजस्थान प्रगतिशील लेखक संघ की ओर से शुरू किया गया है। उन्होंने बताया कि यह पहल एक शिशु के झील पर पत्थर फेंकने की कोशिश के समान है। पीएलएफ के प्रवक्ता पैरलल लिटरेचर फेस्टिवल का आयोजन प्रगतिशील लेखक संघ की ओर से 27 से 29 जनवरी तक किया जाएगा। यहां एसएमएस स्टेडियम के पास यूथ हॉस्टल में चलने वाले इस फेस्टिवल का समय सुबह 9:30 बजे से रात 9 बजे तक रखा गया है।
आज पीएलएफ का उद्घाटन साहित्यकार विभूति नारायण, अर्जुन देव चारण, मैत्रेयी पुष्पा, राजेंद्र राजन, नरेश सक्सेना, विष्णु खरे और लीलाधर मंडलोई ने दीप प्रज्जवलित करके किया। साहित्य उत्सव में कई तरह के वैन्यू भी रखे गए हैं। इनमें मुक्तिबोध मंच, बिज्जी की बैठक, हरीश भदानी नुक्कड़ और गोडावण खास होंगे। इन वैन्यूज में राजस्थान सहित देशभर के साहित्यकार मुख्य विषयों पर चर्चा करेंगे।