धौलपुर उपचुनाव में पीपुल्स ग्रीन पार्टी के उम्मीदवार का अपहरण करने के मामले में पशुधन बोर्ड अध्यक्ष जगमोहन मुश्किल में पड़ते नजर आ रहे है। हाइकोर्ट ने पुलिस को कहा है कि यदि अपराध साबित हो तो मामले में एफआईआर दर्ज की जाए।
हालांकि, कोर्ट ने कहा कि चुनाव प्रक्रिया आरंभ हो चुकी है, ऐसे में अदालत याचिकाकर्ता का नामांकन स्वीकार करने के संबंध में आदेश नहीं दे सकता।न्यायाधीश मनीष भंडारी की एकलपीठ ने यह आदेश माखन सिंह की ओर से दायर याचिका का निस्तारण करते हुए दिए। याचिका में कहा गया कि याचिकाकर्ता को धौलपुर उपचुनाव में पीपुल्स ग्रीन पार्टी का उम्मीदवार घोषित किया गया था। नामांकन के अंतिम दिन कलक्ट्रेट परिसर के बाहर पशुधन बोर्ड के अध्यक्ष जगमोहन बघेल ने याचिकाकर्ता का अपहरण कर लिया और काफी देर बाद आगरा रोड पर जाकर छोड़ दिया।
इसके चलते वह नामांकन नहीं भर पाया। याचिका में गुहार की गई उसे नामांकन भरने की छूट दी जाए और जगमोहन बघेल के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए जाएं। जिस पर सुनवाई करते हुए अदालत ने पुलिस को कहा है कि यदि प्रकरण में अपराध प्रमाणित हो तो एफआईआर दर्ज की जाए।