राजस्थान हाईकोर्ट ने कहा है कि जीएसटी पोर्टल पर यदि कोई समस्या आती है तो उसकी सूचना ईमेल के जरिए संबंधित जिला सूचना अधिकारी को दी जाए। अधिकारी इन शिकायतों का तत्काल समाधान करेंगे। इसके साथ ही अदालत ने कहा है कि इस दौरान संबंधित करदाता के खिलाफ पेनल्टी और लेट फीस आदि की दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाए।
अदालत ने पोर्टल में खराबी के चलते कम्पोजीशन स्कीम का आवेदन करने वालों को ईमेल के जरिए आवेदन भेजने को कहा है।
न्यायाधीश केएस झवेरी और न्यायाधीश वीके व्यास की खंडपीठ ने यह आदेश कर सलाहकार संघ व अन्य की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए। संघ की ओर से कहा गया कि जीएसटी पोर्टल पर तकनीकी समस्या आने के चलते करदाताओं को रिटर्न फाइल करने सहित अन्य समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। वहीं रिगेलिया बिल्डर्स व अन्य की ओर से कहा गया कि सीएम व पीएम आवास योजना में पहले सर्विस टैक्स में छूट मिलती थी, लेकिन जीएसटी में यह छूट समाप्त कर कुल 18 फीसदी टैक्स का प्रावधान किया गया है।
जिसके चलते फ्लैट महंगे हो गए हैं। ऐसे में जीएसटी पर रोक लगाई जाए। जिसका विरोध करते हुए केन्द्र सरकार की ओर से कहा गया कि बिल्डर्स छूट को अधिकार के तौर पर नहीं ले सकते हैं।