बहरोड़ में कथित गौ—तस्कर पहलू खान की मौत को एक माह का समय बीत चुका है। लेकिन अभी तक इस मामले में राजनीति यथावत जारी है। मामला अभी शांत होता भी नहीं दिख रहा है। प्रशासन और मेव समाज आमने-सामने है।
मामले के तरत पहलू खान मामले में नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी की मांंग को लेकर मेव पंचायत की ओर से तीन मई को अलवर से बहरोड़ तक पैदल मार्च की घोषणा की गई थी। इसके लिए प्रशासन ने काननू—व्यवस्था का हवाला देते मंजूरी नहीं दी। वहीं मेव पंचायत को संरक्षक शेर मोहम्म्द का कहना है कि कार्यक्रम यथावत रहेगा। प्रशासन और मेव पंचायत के आमने—सामने आ जाने से शहर में तनाव का माहौल है।
गौरतलब है कि मेव पंचायत की ओर से मेव समुदाय से पैदल मार्च का आह्वान किया गया था। जिसके बाद इस मामले में राजनीति और तेज हो गई है। बीते माह एक अप्रेल को बहरोड़ में कथित गौ—तस्तकरों के साथ मारपीट की गई थी।
इसके बाद तीन अप्रेल को बहरोड़ के निजी अस्पताल में कथित गौ—तस्कर पहलू खान ने दम तोड़ दिया था। इसके बाद इस मामले की गूंज राजस्थान की विधानसभा से लेकर देश की संसद तक में सुनाई दी थी।