राजस्थान सरकार के 150 करोड़ रुपए से अधिक के विज्ञापन घोटाले के आरोपी क्रियोन्स एड एजेसी के निदेशक अजय चौपड़ा ने उच्चतम न्यायालय के आदेश की पालना में मंगलवार को एसीबी कोर्ट में सरेंडर किया। जहां से एसीबी ने अदालत की अनुमति लेकर चार लंबित मामलों में से एक मामले में चौपड़ा को गिरफ्तार किया।
मंगलवार को आरोपी अजय चौपड़ा अपने वकीलों के साथ अदालत पहुंचे। एसीबी ने एक मामले में आरोपी को गिरफ्तार करने की अदालत से अनुमति मांगी। इस पर आरोपी की ओर से प्रार्थना पत्र पेश कर कहा गया कि उच्चतम न्यायालय ने उसे अदालत में समर्पण के आदेश दिए हैं। ऐसे में उसके खिलाफ लंबित चारों प्रकरणों में उसे गिरफ्तार किया जाए। एसीबी दुर्भावना से उसे एक मामले में ही गिरफ्तार कर रही है, जबकि चारों मामले एक ही पुलिस चौकी में दर्ज हैं और चारों का जांच अधिकारी भी एक ही है।
प्रार्थना पत्र को खारिज करते हुए अदालत ने कहा कि जांच अधिकारी को विशेषाधिकार है कि वह आरोपी को किस प्रकरण में गिरफ्तार करना चाहता है। अदालत जांच अधिकारी को यह निर्देश नहीं दे सकती कि वह उसे दूसरे मामलों में भी गिरफ्तार करे। मामले के अनुसार शंकरलाल ने वर्ष 2014 में एसीबी में शिकायत दर्ज कराई थी कि पूर्ववर्ती सरकार के समय सरकारी विज्ञापनों को क्रियोन्स के माध्यम से जारी किया गया। जिसमें मिलीभगत कर करीब 160 करोड़ रुपए का घोटाला किया गया। सरकार से भुगतान उठाने के बाद कई विज्ञापन तो दिखाए ही नहीं गए और कई विज्ञापनों के बदले सरकार से उच्च दरें वसूल की गई। आरोपी अजय चौपड़ा की ओर से अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए उच्चतम न्यायालय ने गत दिनों चौपड़ा को अदालत में समर्पण करने के आदेश दिए गए थे।