ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट का कोटा में बुधवार से शुभारंभ होने जा रहा है। इस मीट में विभिन्न पदार्थों की उन्नत तकनीक को सरकार प्रमोट करेगी।
मीट में प्रमुख रुप से सभी को मोती की खेती आकर्षित कर सकती है। क्योंकि सरकार ने प्रदेश में मोती की खेती के लिए तैयारी कर ली हैं। इसकी खेती कोटा के उम्मेदगंज कृषि अनुसंधान केन्द्र, चंदलाई मत्स्य केन्द्र टोंक, बीसलपुर ओरनामेंटल फिश सेंटर व जयपुर में होगी। कृषि विभाग से मिली जानकारी के अनुसार जल्द ही प्रदेश के पांच कृषि अधिकारियों को ट्रेनिंग के लिए उड़ीसा के सेंट्रल इंस्टीट्यूट आॅफ फ्रेश वाटर एक्वाकल्चर सेंटर भेजा जाएगा।
जानकारी के अनुसार ट्रेनिंग के बाद चयनित स्थानों पर प्रायोगिक तौर पर मोती की खेती प्रारंभ की जाएगी। यहां सीप से मोती पैदा करने के लिए हैचरी तैयार की जाएगी। वहीं राजस्थान सरकार उन देशों की संस्थाओं से भी मदद ले सकती है जहां इस प्रकार की खेती की जा रही है।