राजस्थान हाईकोर्ट की जोधपुर मुख्यपीठ में आज पाक विस्थापित हिन्दू परिवारों की समस्याओं के मामले में सुनवाई हुई। इस दौरान पेश हुए अधिकारियों ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दौरे की आड़ लेते हुए अपना बचाव किया। हालांकि, कोर्ट ने मामले में लंबित आवेदनों का 45 दिन में निस्तारण करने के आदेश दिए।
जस्टिस जीके व्यास व जस्टिस विनीत माथुर की खंडपीठ ये ओदश दिए। दरअसल, पाक विस्थापित हिन्दू परिवारों की समस्याओं को लेकर हाईकोर्ट ने पूर्व में प्रसंज्ञान लेकर जनहित याचिका दायर की थी। इस पर आज सुबह प्रोग्रेस रिपोर्ट पेश नहीं किए जाने पर कोर्ट ने असंतोष जताते हुए दो बजे दुबारा सुनवाई की। इस दौरान एडीएम सिटी सीमा कविया और सीबीआई अधिकारी श्वेता धनकड़ कोर्ट में पेश हुए। पिछली पेशी की दौरान कोर्ट ने लम्बित आवेदन पत्रों में कमियों का निस्तारण कर ऑनलाइन सूची जारी करने और त्वरित निस्तारण करने के लिए कैम्प आयोजित करने आदेश दिए थे।
इस पर आज खंडपीठ के समक्ष जवाब में यह बताया गया कि प्रधानमंत्री नरेंन्द्र मोदी के दौरे और सामराऊ की घटना के कारण व्यस्तता के चलते कैम्प का आयोजन नहीं किया जा सका।