संजय लीला भंसाली की फिल्म 'पद्मावत' भाजपा के लिए राजस्थान में चुनावी हार का कारण बन गई। ये दावा करणी सेना ने किया है।
दरअसल करणी सेना सहित राजपूत समाज से जुड़े कई संगठन 'पद्मावत' फिल्म और आनंदपाल प्रकरण को लेकर वर्तमान भाजपा सरकार से नाराज थे। इसी के चलते इन संगठनों ने बीती 14 जनवरी को उपचुनावों में भाजपा के विरोध का ऐलान भी कर दिया था। लेकिन भाजपा के नेता राजपूत समाज के इस ऐलान से बेफ्रिक ही नजर आए।
भाजपा की हार के बाद करणी सेना ने जश्न को ऐलान किया है। जबकि राजस्थान के राजपूत बहुल क्षेत्रों में भी खुशी का माहौल देखा जा रहा है।
राजपूत और गुर्जर थे विरोध में
करणी सेना
- फोटो : Amar Ujala
आज आए उपचुनाव के परिणाम भाजपा के पूर्ण खिलाफ रहे हैं। राजपूत संगठनों से जुड़े नेताओं का कहना है कि समुदाय में भारतीय जनता पार्टी की नीतियों के खिलाफ खासा रोष है। वहीं गुर्जर समुदाय भी इन उपचुनावों में भाजपा के विरोध में ही नजर आया, क्योंकि गुर्जर राज्य सरकार पर आरक्षण को लेकर खिलवाड़ का आरोप लगाते रहे हैं।
करणी सेना की मांग रही है कि 'पद्मावत' को पूरी तरह बैन कर दिया जाए, लेकिन केंद्र सरकार ने इस मामले में कोई दखल नहीं दिया। इससे राजपूत समाज में भाजपा को लेकर नाराजगी थी। इसी का परिणाम है कि भाजपा को तीनों सीटों पर हार का सामना करना पड़ा है।
खासा असर है इन समुदायों का
EVM Shimla
गौरतलब है अजमेर, अलवर लोकसभा व मांडलगढ़ विधानसभा में राजपूत मतदाताओं का खासा असर है। अजमेर में राजपूत मतदाताओं की संख्या दो लाख से अधिक है। जबकि अलवर में राजपूत मतदाता करीब एक लाख है। वहीं मांडलगढ़ में करीब 40 हजार राजपूत मतदाता है। वहीं अजमेर लोकसभा सीट में गुर्जर मतदाताओं की संख्या करीब दो लाख हैं।